बिहार के मोतिहारी से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में तीसरे वर्ष (थर्ड ईयर) की एक होनहार छात्रा रिमी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मुजफ्फरपुर की रहने वाली रिमी की मौत के बाद पूरे कॉलेज परिसर में शोक और तनाव का माहौल है। इस घटना को लेकर पुलिस और कॉलेज प्रशासन के बयानों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है, जिसने मामले को और उलझा दिया है।
कमरे का दरवाजा तोड़कर निकाला गया बाहर
कॉलेज के प्रिंसिपल से मिली जानकारी के अनुसार, रिमी कुमारी कल ही अपनी परीक्षा देकर बेतिया से लौटी थी। दोपहर के समय उसका कमरा अंदर से बंद था। जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई, तो कमरे का दरवाजा जबरदस्ती तोड़ा गया।
प्रिंसिपल का कहना है कि दरवाजा टूटने पर रिमी कमरे के भीतर एक कुर्सी पर अचेत (बेहोश) अवस्था में बैठी मिली। उन्हें तुरंत एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहाँ ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। प्रिंसिपल ने साफ तौर पर कहा है कि छात्रा की मौत फांसी लगाने की वजह से नहीं हुई है।
पिता का गंभीर आरोप: ‘बेटी की गला घोंटकर हुई हत्या’
दूसरी तरफ, मृतका के पिता ने कॉलेज प्रशासन और पुलिस की थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी की गला घोंटकर हत्या की गई है।
पिता के अनुसार, घटना से एक रात पहले ही रात 10 बजे उनकी रिमी से बात हुई थी। बातचीत के दौरान वह पूरी तरह सामान्य और खुश थी। पिता का कहना है कि अगर वह किसी मानसिक तनाव में होती या ऐसा कोई कदम उठाना चाहती, तो वह बातों में जरूर झलकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और कॉलेज मिलकर उनकी बेटी को बदनाम करने और असली दोषियों को बचाने की साजिश रच रहे हैं।
पोस्टमार्टम से पहले ही SHO के बयान पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में मुफस्सिल थाने की पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। थाने की स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) प्रियंका ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने से पहले ही इस घटना को आत्महत्या करार दे दिया है।
स्थानीय लोगों और परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब पुलिस ने शव को ठीक से देखा तक नहीं और न ही मेडिकल रिपोर्ट आई, तो इतनी जल्दबाजी में इसे सुसाइड क्यों कहा गया? कॉलेज परिसर में सैकड़ों छात्र इकट्ठा होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
मोबाइल का डेटा फॉर्मेट, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल से रिमी कुमारी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल का डेटा फॉर्मेट (डिलीट) पाया गया है। पुलिस अब इस डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है, ताकि मौत के असली कारणों और आखिरी समय में हुई बातचीत का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
संवाददाता अमरजीत सिंह






