बिहार 

मोतिहारी: स्वास्थ्य केंद्रों पर मनाया गया विश्व मलेरिया दिवस, बचाव के लिए स्वच्छता और मच्छरदानी पर जोर

On: April 26, 2026 6:34 AM
Follow Us:
---Advertisement---

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में ‘विश्व मलेरिया दिवस’ के अवसर पर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने आम जनता को मलेरिया के लक्षणों, बचाव के तरीकों और उपलब्ध उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

​समय पर इलाज है जरूरी: सिविल सर्जन

​जिले के सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने जानकारी दी कि मलेरिया ‘मादा एनाफिलीज’ मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। उन्होंने सचेत किया कि यदि समय पर इसका इलाज न कराया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर मलेरिया की जांच और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध हैं।

​मलेरिया के मुख्य लक्षण और पहचान

​जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी (DVBDCO) डॉ. शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि मच्छर के काटने के लगभग 6 से 8 दिनों के भीतर लक्षण उभरने लगते हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • ​तेज बुखार और सिरदर्द।
  • ​अत्यधिक थकान और मांसपेशियों में दर्द।
  • ​जी मिचलाना और उल्टियां होना।
  • ​गंभीर मामलों में चक्कर आना, बेहोशी और खून की कमी (एनीमिया)।

​इन सावधानियों से संभव है बचाव

​जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान सीएचओ (CHO) और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बचाव के सरल उपाय बताए:

  1. मच्छरदानी का प्रयोग: रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी लगाएं।
  2. साफ-सफाई: घर के आसपास पानी जमा न होने दें और गंदगी को साफ करें ताकि मच्छर न पनप सकें।
  3. पहनावा: शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।
  4. जागरूकता: बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं।

​विभिन्न प्रखंडों में कार्यक्रमों का आयोजन

​मोतिहारी के चिरैया, संग्रामपुर, मधुबन और चकिया जैसे प्रखंडों में विशेष शिविर लगाए गए। चिरैया के अंबरीया और चमही के साथ-साथ संग्रामपुर के इजरा में भी स्थानीय सीएचओ की देखरेख में छात्रों और ग्रामीणों को मलेरिया के साथ-साथ एईएस (AES) से बचाव की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों को नष्ट करें ताकि मच्छरों के प्रजनन चक्र को रोका जा सके।

Sachcha Samachar Desk

Sachcha Samachar Desk वेबसाइट की आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो देश और दुनिया से जुड़ी ताज़ा, तथ्य-आधारित और निष्पक्ष खबरें तैयार करती है। यह टीम विश्वसनीयता, ज़िम्मेदार पत्रकारिता और पाठकों को समय पर सही जानकारी देने के सिद्धांत पर काम करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment