बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में पशुधन की सुरक्षा और पशुपालकों की मदद के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को संग्रामपुर प्रखंड के अंतर्गत एक विशेष पशु चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया।
एम्बुलेटरी वैन के जरिए पहुँची चिकित्सा सुविधा
जिला पशुपालन पदाधिकारी के निर्देशानुसार, संग्रामपुर प्रखंड की भट्टबलिया पंचायत के नौतन गाँव में यह शिविर लगाया गया। खास बात यह रही कि ‘एम्बुलेटरी वैन’ (चलंत पशु चिकित्सा वाहन) के माध्यम से विशेषज्ञों की टीम सीधे गाँव पहुँची, जिससे पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं को दूर ले जाने की समस्या से निजात मिली।
विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ इलाज
शिविर का संचालन मुख्य रूप से दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में संपन्न हुआ:
- डॉ. रंजीत कुमार सिंह: भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, संग्रामपुर।
- डॉ. रूपेश कुमार: भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मलाही।
इन अधिकारियों ने न केवल पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया, बल्कि पशुपालकों को बेहतर पशुपालन के गुर भी सिखाए।
मुफ्त दवाएं और महत्वपूर्ण सलाह
इस शिविर से क्षेत्र के 42 पशुपालकों को सीधा लाभ पहुँचा। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
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- निःशुल्क उपचार: कुल 292 छोटे-बड़े पशुओं की स्वास्थ्य जाँच की गई।
- दवा वितरण: बीमार पशुओं के लिए विभाग की ओर से मुफ्त दवाएं बांटी गईं।
- विभागीय योजनाएं: पशुपालकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी गई ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।
- बीमारियों से बचाव: डॉक्टरों ने बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों पर विशेष चर्चा की।
विशेष संदेश: पशुपालन विभाग का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशु मृत्यु दर को कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। ऐसे शिविरों के माध्यम से पशुपालक बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने मवेशियों का उचित इलाज करा पा रहे हैं।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






