पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जिले भर में स्कूलों के औचक निरीक्षण का विशेष अभियान शुरू हो गया है। इसी कड़ी में रक्सौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) ने स्कूलों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी।
SDM ने खुद संभाली कमान, बच्चों से की बात
बुधवार को रक्सौल के अनुमंडल पदाधिकारी श्री मनीष कुमार ने प्रखंड के भेलाही पंचायत स्थित विभिन्न विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने केवल कागजों की जांच नहीं की, बल्कि सीधे क्लासरूम में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के स्तर के बारे में सवाल पूछे और उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रहा निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान SDM ने स्कूल की बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता को परखने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर बारीकी से गौर किया:
- पठन-पाठन की गुणवत्ता: शिक्षकों द्वारा समय पर क्लास लेना और छात्रों के सीखने का स्तर।
- छात्र उपस्थिति: स्कूल में नामांकित बच्चों की तुलना में वास्तविक उपस्थिति।
- मिड-डे मील (MDM): बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता।
- स्मार्ट क्लास: आधुनिक तकनीक और स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन हो रहा है या नहीं।
- साफ-सफाई: स्कूल परिसर और शौचालयों की स्वच्छता की स्थिति।
लापरवाह शिक्षकों को सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कमियां पाए जाने पर SDM ने संबंधित प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार शिक्षा की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें और स्कूल परिसर को स्वच्छ बनाए रखें।
20 अप्रैल तक चलेगा विशेष जांच अभियान
पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी के आदेशानुसार, जिले के सभी स्कूलों की निगरानी के लिए विभिन्न अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
महत्वपूर्ण जानकारी: निरीक्षण का यह विशेष अभियान 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 20 अप्रैल 2026 तक नियमित रूप से चलेगा। इस दौरान जिले के हर प्रखंड के स्कूलों में अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचेंगे, ताकि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
इस कदम से जिले के अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर माहौल मिल सकेगा।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






