मोतिहारी, पूर्वी चंपारण
बिहार की बेटियां अब सात समंदर पार भी अपना घर बसा रही हैं। मोतिहारी के विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में आज एक बेहद भावुक और सुखद पल देखने को मिला, जब तीन साल की एक मासूम बच्ची को स्पेन से आई उसकी नई माँ को सौंपा गया।
एसडीएम की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को बाईपास रोड स्थित संस्थान में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान, पूर्वी चंपारण के एसडीएम (SDM) श्री निशांत सिहारा ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका ‘स्वेता’ (काल्पनिक नाम) को उसकी भावी एकल माता (Single Mother) को सौंप दिया।
इस अवसर पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मी भी मौजूद रहे।
स्पेन में होगा बच्ची का नया घर
बच्ची को गोद लेने वाली महिला स्पेन की रहने वाली हैं और वहां एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने भारत सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के तहत बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई थी। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब यह बच्ची स्पेन में अपने नए परिवार के साथ रहेगी।
इस साल का दूसरा सफल दत्तकग्रहण
विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के अनुसार, इस वर्ष यह दूसरा मौका है जब किसी बच्चे को कानूनी रूप से गोद दिया गया है। संस्थान की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- कुल आवासित बच्चे: वर्तमान में संस्थान में 0 से 6 वर्ष की आयु के 08 शिशु रह रहे हैं।
- देखरेख: इन बच्चों की देखभाल जिला बाल संरक्षण इकाई और विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान द्वारा की जाती है।
बच्चा गोद लेने की क्या है कानूनी प्रक्रिया?
यदि कोई भी दंपत्ति या एकल अभिभावक बच्चा गोद लेना चाहते हैं, तो उन्हें भारत सरकार के केन्द्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के माध्यम से आवेदन करना होता है।
महत्वपूर्ण जानकारी: > बच्चा गोद लेने के इच्छुक लोग CARA के आधिकारिक पोर्टल cara.wcd.gov.in पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। यह संस्था देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोद लेने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करती है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।
जिला प्रशासन ने अपील की है कि लोग अवैध रूप से बच्चा गोद लेने के बजाय सरकारी पोर्टल के माध्यम से सुरक्षित और कानूनी रास्ता अपनाएं।






