बिहार के मोतिहारी से एक दुखद समाचार सामने आया है। जिले के प्रतिष्ठित अधिवक्ता, वरिष्ठ समाजसेवी और पत्रकार सागर सूरज के पिता साधु शरण ठाकुर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उनके जाने से जिले के सामाजिक और बौद्धिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे ‘साधु बाबा’
दिवंगत साधु शरण ठाकुर समाज में ‘साधु बाबा’ के नाम से लोकप्रिय थे। पेशे से अधिवक्ता होने के साथ-साथ वे एक बेहद हंसमुख और मिलनसार व्यक्ति थे। उनके बारे में कहा जाता है कि वे अपनी बातों से किसी भी दुखी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का हुनर रखते थे। पत्रकारों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था, जिसके कारण पत्रकार जगत उन्हें अपना मार्गदर्शक मानता था।
प्रेस क्लब मोतिहारी में शोक सभा का आयोजन
साधु शरण ठाकुर की स्मृति में शहर के पत्रकार भवन में प्रेस क्लब मोतिहारी द्वारा एक विशेष शोक सभा आयोजित की गई। इस सभा के दौरान जिले के पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें याद किया।
- अध्यक्षता: सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय कौशिक ने की।
- श्रद्धांजलि: उपस्थित लोगों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
- व्यक्तित्व पर चर्चा: महासचिव राकेश कुमार ने उनके जीवन और समाज के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
समाज और न्याय जगत के लिए अपूर्णीय क्षति
शोक सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि साधु शरण ठाकुर जी का निधन केवल एक परिवार की हानि नहीं है, बल्कि यह पूरे विधिक (लीगल) और पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ा घाटा है।
”साधु शरण ठाकुर जी महज एक वकील नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक थे। उन्होंने हमेशा सामाजिक न्याय और गरीबों की मदद को प्राथमिकता दी। उनका जीवन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।”
सामाजिक सरोकार का अंत
27 मार्च 2026 को अंतिम सांस लेने वाले साधु शरण ठाकुर ने अपने जीवनकाल में कई महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों में हिस्सा लिया। एक सरकारी अधिवक्ता (APP) के रूप में उन्होंने न्याय व्यवस्था में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। जिले के बुद्धिजीवियों का मानना है कि ‘साधु बाबा’ की कमी को पूरा करना मुश्किल होगा।
अमरजीत सिंह की रिपोर्ट (मोतिहारी)







