बिहार के मोतिहारी जिले में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में आदापुर प्रखंड के ग्राम पचपोखरिया में गन्ना विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।
पचपोखरिया में फसल का निरीक्षण
ईख विकास विभाग के सहायक निदेशक सह उपनिदेशक, श्री अजित कुमार प्रसाद ने पचपोखरिया ग्राम का दौरा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना और गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना के तहत लाभुक किसानों के खेतों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसानों के खेतों में गन्ने का अंकुरण (Germination) काफी बेहतर है। अधिकारी ने किसानों को सिंचाई, इंटरकल्चरल ऑपरेशन (फसल की जुताई-गोड़ाई) और कीट रोगों से बचाव के तकनीकी गुर भी सिखाए।
किसानों के साथ बैठक और भविष्य की योजनाएं
निरीक्षण के बाद गांव में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में न केवल पुराने बल्कि नए किसानों को भी गन्ने की खेती की ओर आकर्षित करने के लिए ‘डेमोंस्ट्रेशन’ (प्रदर्शन) दिया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- योजनाओं की जानकारी: किसानों को मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यंत्रीकरण योजना और किसान पंजीकरण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।
- गुड़ विकास योजना: गुड़ उत्पादन से जुड़े लाभों और सरकारी सहायता के बारे में भी जागरूक किया गया।
- तकनीकी सहायता: आधुनिक मशीनों के उपयोग से खेती की लागत कम करने पर जोर दिया गया।
क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य हुआ पूरा
सहायक निदेशक श्री अजित कुमार प्रसाद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 100 एकड़ क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य सफलतापूर्वक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
”इस साल किसान योजनाओं के लाभ को देखकर काफी उत्साहित हैं। हमारा लक्ष्य उन किसानों को फिर से जोड़ना है जिन्होंने किसी कारणवश गन्ना उगाना छोड़ दिया था, साथ ही नए किसानों को भी इस योजना का लाभ दिलाना हमारी प्राथमिकता है।” — श्री अजित कुमार प्रसाद, सहायक निदेशक
क्षेत्र के किसानों में गन्ना खेती के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए, आगामी वर्ष में योजना के दायरे को और अधिक बढ़ाने की संभावना है।






