मोतिहारी, पूर्वी चंपारण बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के निर्देश पर पूर्वी चंपारण जिले में बाल श्रम को जड़ से मिटाने के लिए एक बड़े जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। 30 अप्रैल को संयुक्त श्रम भवन से जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो जिले के सभी प्रखंडों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।
12 जून तक चलेगा विशेष अभियान
तिरहुत प्रमंडल के सहायक श्रमायुक्त राकेश रंजन ने बताया कि 30 अप्रैल ‘बाल श्रम उन्मूलन दिवस’ से शुरू हुआ यह अभियान 12 जून यानी ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ तक लगातार चलेगा। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बाल श्रम के विरुद्ध काम करने की शपथ ली। इस मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई और डंकन हॉस्पिटल जैसे संगठनों की टीमें भी मौजूद रहीं।
दोषी मालिकों पर कार्रवाई: दर्ज हुई FIR और वसूला गया जुर्माना
प्रशासन बाल श्रमिकों को काम पर रखने वाले नियोजकों (मालिकों) के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
- बचाव अभियान: वित्तीय वर्ष 2024-25 में 74 और 2025-26 में 72 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।
- कानूनी कार्रवाई: सभी दोषी मालिकों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
- जुर्माना: प्रत्येक दोषी नियोजक से 20,000 रुपये का जुर्माना वसूल कर ‘जिला बाल श्रम पुनर्वास कोष’ में जमा कराया गया है।
- सर्टिफिकेट केस: जिन मालिकों ने जुर्माना जमा नहीं किया, उनके खिलाफ अलग से सर्टिफिकेट केस दर्ज कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।
विमुक्त बच्चों का पुनर्वास और आर्थिक सहायता
सरकार केवल बच्चों को मुक्त ही नहीं करा रही, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है:
- शिक्षा: सभी मुक्त कराए गए बच्चों का नामांकन उनके घर के पास के स्कूलों में कराया गया है।
- तत्काल मदद: बच्चों को 3,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई है।
- दीर्घकालिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त 25,000 रुपये की राशि को प्रत्येक बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराया गया है।
श्रमिक कल्याण योजनाओं में मोतिहारी अव्वल
जिले में श्रमिकों के कल्याण के लिए चल रही अन्य योजनाओं की प्रगति भी साझा की गई:
- ई-श्रम पोर्टल: पूर्वी चंपारण जिला पूरे बिहार में 15.69 लाख से अधिक असंगठित कामगारों के पंजीकरण के साथ पहले स्थान पर है।
- निर्माण श्रमिक: जिले में लगभग 1.5 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 8,515 लाभार्थियों को अनुदान का भुगतान किया गया है।
- सामाजिक सुरक्षा: बिहार शताब्दी योजना के तहत 852 और प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत 26 लाभार्थियों को वित्तीय लाभ दिया गया है।
इस कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्यों, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों और विभिन्न श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और समाज से अपील की कि बच्चों को काम पर न रखकर उन्हें स्कूल भेजें।






