मोतिहारी के नगर क्षेत्रों में पार्किंग शुल्क के नाम पर आम जनता से हो रही अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) निशांत सिहारा के नेतृत्व में की गई छापेमारी के बाद यह साफ हो गया है कि बिना वैध प्रक्रिया के सड़क पर वसूली करना अब भारी पड़ेगा।
स्पेशल ड्राइव में पकड़ी गई गड़बड़ी
सदर एसडीओ निशांत सिहारा ने मोतिहारी के प्रमुख इलाकों— छोटा बरियारपुर, छतौनी और रघुनाथपुर में एक विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाया। इस दौरान पाया गया कि कुछ लोग बीच सड़क पर गाड़ियों को रोककर पार्किंग शुल्क के नाम पर पैसे वसूल रहे थे।
जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि वसूली करने वाले इन व्यक्तियों के पास कोई आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) नहीं था। वे नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से वाहनों को रोक रहे थे, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा था।
नियमों का उल्लंघन और प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासनिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि सड़क पर चलती गाड़ियों से इस तरह की वसूली पूरी तरह से गैर-कानूनी है। एसडीओ ने मौके पर ही कई लोगों को पकड़ा और स्पष्ट किया कि पार्किंग के नाम पर लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- बिना पहचान पत्र के वसूली करने वालों को चिन्हित किया गया है।
- इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय अधिकारियों को भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
आम जनता के लिए जरूरी जानकारी
अक्सर देखा जाता है कि लोग आधिकारिक पर्ची या पहचान पत्र मांगे बिना ही शुल्क दे देते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य जनता को जागरूक करना भी है।
महत्वपूर्ण सुझाव: अगर आपसे भी सड़क पर कोई व्यक्ति बिना वैध रसीद या पहचान पत्र के पार्किंग शुल्क मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को दें। किसी भी सरकारी या अधिकृत ठेके के तहत वसूली करने वाले कर्मी के पास विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
मोतिहारी प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद है कि शहर की सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न से राहत मिलेगी।






