पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के जिलाधिकारी ने आज रक्सौल अनुमंडल के तहत आने वाले सभी प्रखंडों की विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। रामगढ़वा प्रखंड के चम्पापुर पंचायत सरकार भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राजस्व और PHED (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट देखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का काम अभी भी अधूरा है या लंबित है, उन्हें बिना किसी देरी के गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
इन मुख्य विभागों की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- ग्रामीण विकास: मनरेगा और आवास योजनाओं की वर्तमान स्थिति।
- पंचायती राज: पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्य।
- PHED: पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी सरकारी योजनाएं।
- राजस्व विभाग: भूमि और लगान से संबंधित मामलों का निपटारा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रखंड स्तर के प्रतिनिधि मौजूद रहे:
- श्री मुकेश कुमार सिंहा (अपर समाहर्ता)
- डॉ. प्रदीप कुमार (उप विकास आयुक्त)
- अनुमंडल पदाधिकारी, रक्सौल
- निदेशक डीआरडीए और डीपीओ मनरेगा
- सभी प्रखंडों के बीडीओ (BDO), सीओ (CO) और पंचायत राज पदाधिकारी।
इसके अलावा, तकनीकी रूप से कार्यों की निगरानी करने वाले सहायक अभियंता, मनरेगा लेखपाल और पंचायत तकनीकी सहायक भी उपस्थित थे।
आम जनता को क्या होगा लाभ?
जिलाधिकारी की इस सक्रियता का सीधा लाभ रक्सौल अनुमंडल की जनता को मिलेगा। लंबित कार्यों के पूरा होने से गांवों में बुनियादी सुविधाओं जैसे—सड़क, नाली, आवास और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता में सुधार होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय सीमा के भीतर पहुँचे।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






