बिहार 

मोतिहारी: विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक, लापरवाही बरतने वाले अफसरों और कंपनियों पर गिरेगी गाज

On: April 17, 2026 3:41 AM
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चकिया (पूर्वी चंपारण): बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर हाल ही में चकिया अनुमंडल के रामगढ़ महुआबा पंचायत सरकार भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और नल-जल जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में देरी पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

​अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा और उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चकिया, केसरिया, कल्याणपुर और मेहसी प्रखंड के विकास कार्यों का लेखा-जोखा लिया गया।

​आवास योजना: किस्तों के भुगतान और निर्माण में देरी पर सख्ती

​बैठक के दौरान पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हजारों लाभार्थियों को पहली, दूसरी और तीसरी किस्त का भुगतान अभी तक लंबित है।

  • लंबित मामले: केसरिया में 5564, चकिया में 4848, कल्याणपुर में 2857 और मेहसी में 2480 मामले भुगतान के इंतजार में हैं।
  • अधिकारियों को निर्देश: सभी बीडीओ (BDO) को आदेश दिया गया है कि वे नियमों के तहत तुरंत भुगतान सुनिश्चित करें।
  • लापरवाह लाभार्थियों पर कार्रवाई: जिन लोगों ने दूसरी किस्त लेने के बावजूद घर का काम शुरू नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही, तीसरी किस्त ले चुके लोगों के घर एक सप्ताह के भीतर पूरे कराने का लक्ष्य दिया गया है।

​मनरेगा और रोजगार: ई-केवाईसी के लिए एक हफ्ते की डेडलाइन

​मनरेगा के तहत मजदूरों के ई-केवाईसी (e-KYC) और मानव दिवस सृजन (काम के दिन) की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।

  • ई-केवाईसी: अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर 90% सक्रिय मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा करें।
  • मानव दिवस: मेहसी में मात्र 17% और केसरिया में केवल 8.09% ही काम के दिन सृजित हुए हैं, जिसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

​सोलर स्ट्रीट लाइट और बुनियादी सुविधाएं

​प्रशासन का ध्यान अब गांवों को रोशन करने और सरकारी सेवाओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर है:

  1. सोलर लाइट: सभी पंचायतों में लक्ष्य के अनुसार सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। काम में देरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है।
  2. पंचायत भवन: जिन पंचायतों में ‘पंचायत सरकार भवन’ बनकर तैयार हैं, वहां कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है ताकि ग्रामीणों को भटकना न पड़े। जहां जमीन नहीं मिली है, वहां जल्द जमीन चिन्हित करने के आदेश दिए गए हैं।
  3. जल-जीवन-हरियाली: राहत की खबर यह है कि चकिया, कल्याणपुर, केसरिया और मेहसी में सार्वजनिक कुओं और जल स्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है।

​राजस्व और पेयजल की होगी जांच

  • राजस्व कार्य: दाखिल-खारिज (Mutation), परिमार्जन, एलपीसी और ई-मापी जैसे कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है ताकि आम जनता को जमीन संबंधी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
  • नल-जल योजना: पीएचईडी (PHED) के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि वे खुद क्षेत्र में जाकर चापाकलों और नल-जल योजनाओं की जांच करें और खराब पड़ी योजनाओं की रिपोर्ट दें।

​इस बैठक में निदेशक (DRDA), अनुमंडल पदाधिकारी (चकिया) और सभी संबंधित प्रखंडों के विकास पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन के इस कड़े रुख से उम्मीद है कि जिले में अटके हुए विकास कार्यों को अब नई रफ्तार मिलेगी।

रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।

Sachcha Samachar Desk

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