मोतिहारी/रक्सौल: भारत और नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त हो गया है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद रक्सौल सीमा पर सुरक्षा घेरा पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया गया है। खुफिया विभाग से मिली 11 संदिग्धों की घुसपैठ की सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
मुख्य सचिव और डीजीपी ने संभाली कमान
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमाई इलाकों की सुरक्षा की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना था। बैठक के तुरंत बाद रक्सौल बॉर्डर पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है और चौकसी दोगुनी कर दी गई है।
11 संदिग्धों की तलाश और कड़ी सघन जांच
नेपाल के रास्ते भारत में 11 संदिग्धों के प्रवेश की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां ‘हाई अलर्ट’ मोड पर हैं। बॉर्डर पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है। एसएसबी (SSB) और स्थानीय पुलिस के जवान पैदल गश्ती कर रहे हैं ताकि कोई भी अवांछित तत्व भारतीय सीमा में प्रवेश न कर सके।
तस्करी का काला कारोबार: पिछले 4 सालों के डराने वाले आंकड़े
सीमा पर बढ़ती सख्ती के पीछे अवैध गतिविधियों का एक बड़ा नेटवर्क है। साल 2022 से 2026 के बीच के आंकड़े रक्सौल बॉर्डर की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं:
- शराब तस्करी: पिछले चार वर्षों में शराब तस्करी के 22,500 से अधिक मामले सामने आए।
- हथियार और ड्रग्स: हथियार तस्करी के 779 मामलों में 1,179 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं, मादक पदार्थों के 448 मामलों में 663 अपराधी दबोचे गए।
- जाली नोट और विदेशी घुसपैठ: पुलिस ने 54.64 लाख रुपये के जाली नोट जब्त किए। साथ ही, बांग्लादेश, श्रीलंका और अबू धाबी जैसे देशों के 25 नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार करते हुए पकड़ा गया।
मानव तस्करी और नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
रक्सौल अनुमंडल में पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाकर गांजा, चरस और अफीम बरामद की है, जिसमें करीब 1,918 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, मानव तस्करी के चंगुल से 574 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 77 नाबालिग भी शामिल थे। प्रशासन ने ऐसी कंपनियों की पहचान कर ली है जो रोजगार के बहाने लोगों की तस्करी करती हैं।
सीमा स्तंभों (Border Pillars) की मरम्मत और अतिक्रमण पर प्रहार
114.54 किलोमीटर लंबी इस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुल 1,237 पिलर (खंभे) लगे हैं। जांच में पाया गया कि इनमें से 73 पिलर क्षतिग्रस्त हैं, जिनकी मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, सीमा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
अधिकारियों का संदेश:
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सीमा की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।
निष्कर्ष: रक्सौल सीमा पर बढ़ी यह सक्रियता न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।






