बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो खाकी वर्दी की आड़ में लूटपाट और अवैध वसूली के धंधे को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसका सरगना खुद एक बर्खास्त सिपाही है और इसमें पुलिस विभाग के ही कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।
कैसे हुआ खुलासा?
मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर आपराधिक घटनाओं की योजना बना रहे हैं। सदर डीएसपी-2 के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े अंतरजिला गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
वर्दी की आड़ में डरा-धमकाकर लूट
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पुलिस की वर्दी और ‘पुलिस’ लिखी गाड़ियों का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को उन पर शक न हो। ये लोग आम जनता को डरा-धमकाकर उनसे पैसे वसूलते थे और लूटपाट करते थे।
गिरोह की मुख्य बातें:
- सरगना: गिरोह का मुख्य संचालक एक बर्खास्त सिपाही निकला।
- मिलीभगत: गिरफ्तार आरोपियों में दो होमगार्ड के जवान भी शामिल हैं।
- अपराध का दायरा: पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है।
- हालिया मामला: मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई ₹3 लाख की लूट में भी इसी गिरोह का हाथ था।
बरामदगी और गिरफ्तारी
पुलिस ने छापेमारी के दौरान अपराधियों के पास से काफी सामान बरामद किया है जो उनके दावों की पुष्टि करता है:
- वाहन: पुलिस लिखा हुआ एक वाहन समेत कुल तीन गाड़ियां।
- सामग्री: पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र (ID Cards) और लूट के अन्य सामान।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
पुलिस ने सीवान के लालबहादुर, दरियापुर के सफदर इमाम, भीतहा के विकास यादव और तुरकौलिया क्षेत्र के दो होमगार्ड जवानों को गिरफ्तार किया है।
अपहरण की कहानी में नया मोड़
मामले की जांच के दौरान एक रोचक तथ्य यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति के अपहरण की जानकारी पुलिस को मिली थी, वह भी वास्तव में इसी गिरोह का सदस्य निकला। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
अधिकारियों का संदेश: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्दी का दुरुपयोग कर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आम जनता से भी अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।






