मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण (अमरजीत सिंह): बिहार सरकार की सुशासन की नीति और लोक शिकायत निवारण प्रणाली आम जनता के लिए वरदान साबित हो रही है। ताजा मामला पूर्वी चम्पारण के सुगौली प्रखंड का है, जहाँ एक युवा को अपनी पुरस्कार राशि पाने के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़े, बल्कि ‘बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015’ के माध्यम से उनकी समस्या का समाधान समय पर और सम्मानपूर्वक हो गया।
क्या था पूरा मामला?
सुगौली प्रखंड के फुलवरिया ग्राम निवासी प्रशांत वर्णवाल (पिता- विपुल प्रसाद) ने ‘मेरा प्रखंड, मेरा गौरव’ प्रतियोगिता में प्रखंड स्तर पर जीत हासिल की थी। विजेता घोषित होने के बावजूद उन्हें उचित पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी। किसी बिचौलिए की मदद लेने के बजाय प्रशांत ने जागरूक नागरिक का परिचय दिया और ऑनलाइन माध्यम से जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय, पूर्वी चम्पारण में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समाधान
शिकायत मिलते ही जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया। सुगौली के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को तुरंत नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। लोक शिकायत निवारण अधिनियम की कड़ाई का ही नतीजा था कि प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुगौली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन (पत्रांक-260, दिनांक-22.04.2026) के अनुसार:
- परिवादी प्रशांत वर्णवाल को प्रखंड स्तरीय विजेता के रूप में मान्यता दी गई।
- उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में ₹10,000 (दस हजार रुपये) का भुगतान प्रखंड कार्यालय द्वारा कर दिया गया है।
- राशि के भुगतान के साथ ही उनकी शिकायत का पूर्ण निवारण सुनिश्चित किया गया।
’न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा हुई साकार
यह मामला इस बात का प्रमाण है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 राज्य में भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह अधिनियम नागरिकों को यह कानूनी अधिकार देता है कि उनकी समस्याओं का समाधान एक निश्चित समय-सीमा के भीतर हो।
सुशासन की ओर बढ़ते कदम:
बिहार सरकार का यह तंत्र “न्याय आपके द्वारा” की अवधारणा को धरातल पर उतार रहा है। अब आम जनता को अपनी जायज मांगों या सरकारी सेवाओं में आ रही बाधाओं के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रशांत वर्णवाल जैसे उदाहरण यह विश्वास दिलाते हैं कि यदि सही प्रक्रिया अपनाई जाए, तो पारदर्शी शासन के तहत हर नागरिक को उसका हक जरूर मिलता है।
संपादकीय नोट: यदि आपके पास भी किसी सरकारी विभाग से संबंधित शिकायत है, तो आप बिहार लोक शिकायत निवारण केंद्र में अपनी अर्जी दे सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध है।






