मोतिहारी (बिहार): स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने और बीमारियों के खिलाफ तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में 22 अप्रैल 2026 को रक्सौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री मनीष कुमार ने अनुमंडलीय अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में जहाँ कुछ कमियाँ मिलीं, वहीं ड्यूटी से गायब कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
चमकी बुखार (AES) को लेकर तैयारियों का जायजा
गर्मी के मौसम को देखते हुए AES (चमकी बुखार) और जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) के खतरे से निपटने के लिए अस्पताल में की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि:
- मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत 6 बेड विशेष रूप से सुरक्षित रखे गए हैं।
- मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टरों की 24*7 ड्यूटी का रोस्टर तैयार कर लिया गया है।
- लोगों को जागरूक करने के लिए अस्पताल परिसर में पोस्टर और पंपलेट का उपयोग किया जा रहा है।
ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टर और कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही डॉक्टरों और स्टाफ की उपस्थिति को लेकर सामने आई। जब SDO ने उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) की जाँच की, तो निम्नलिखित अनियमितताएं पाई गईं:
- डॉक्टर अनुपस्थित: डॉ. अजय कुमार और डॉ. शशिरंजन ड्यूटी पर नहीं थे और न ही रजिस्टर में उनकी उपस्थिति दर्ज थी। उन्हें ‘अनुपस्थित’ मार्क करते हुए कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया गया है।
- पीएचसी की लापरवाही: रक्सौल पीएचसी के निरीक्षण में हेल्थ मैनेजर आशीष कुमार बिना किसी सूचना के गायब मिले। उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- सखी वन स्टॉप सेंटर बंद: अस्पताल परिसर में स्थित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ पूरी तरह बंद पाया गया और वहाँ कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस गंभीर लापरवाही पर डीपीओ आईसीडीएस (DPO ICDS) के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
प्रमाण पत्र काउंटर पर मिली अव्यवस्था
SDO मनीष कुमार ने अस्पताल के जन्म प्रमाण पत्र काउंटर का भी निरीक्षण किया। यहाँ पाया गया कि प्राप्त आवेदनों का रिकॉर्ड तारीख के अनुसार सही तरीके से नहीं रखा जा रहा था। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित कर्मियों को तुरंत रिकॉर्ड दुरुस्त करने और कार्यों में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया।
नोट: प्रशासन की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिले और आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पूरी तरह मुस्तैद रहे।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






