बिहार के मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर रूप ले चुकी है। बरियारपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाली करहरिया (पूर्वी) पंचायत में बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
घर छोड़कर खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी
पानी के बढ़ते स्तर ने ग्रामीणों को अपने ही घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। हालात यह हैं कि कई परिवार अपना जरूरी सामान लेकर सड़क के किनारे और रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए हुए हैं। सिर पर छत न होने के कारण ये लोग खुले आसमान और प्लास्टिक (तिरपाल) के नीचे दिन गुजारने को विवश हैं।
प्रशासनिक मदद का इंतजार और निजी नावों का सहारा
मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित इलाकों में अब तक प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या जरूरी काम के लिए सरकारी नाव की सुविधा नहीं मिली है। इस वजह से ग्रामीण खुद के खर्च पर निजी नावों का सहारा ले रहे हैं। राहत सामग्री के अभाव में लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पीने के पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट
घरों में कमर तक पानी भर जाने के कारण राशन भीग चुका है और पीने के साफ पानी का भारी संकट पैदा हो गया है। इसके अलावा, दूषित जलभराव के कारण इलाके में जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। अब तक स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन की तरफ से कोई मेडिकल कैंप या जरूरी दवाइयों की व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों की मांग: जल्द शुरू हो राहत कार्य
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संकट की घड़ी में उन्हें तत्काल सरकारी मदद की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- प्रभावित इलाके में तुरंत सरकारी नावें चलाई जाएं।
- बेघर हुए लोगों के लिए सुरक्षित राहत शिविर बनाए जाएं।
- तिरपाल, सूखा राशन और पीने का साफ पानी जल्द से जल्द मुहैया कराया जाए।
- बीमारियों की रोकथाम के लिए मेडिकल टीम भेजी जाए।
प्रशासन को तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में समय पर मदद पहुंचना सबसे जरूरी होता है। ‘जलस्तर अपने आप कम होगा’ इसका इंतजार करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है। मुंगेर जिला प्रशासन को इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज करने की आवश्यकता है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और किसी बड़े नुकसान को टाला जा सके।








