बिहार में मानसून की दस्तक से पहले प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से निपटने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में मोतिहारी के सिकरहना (ढाका) के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री विजय कुमार ने अधिकारियों की टीम के साथ बूढ़ी गंडक नदी के बाएं तटबंध का संयुक्त निरीक्षण किया।
यह निरीक्षण 0.00 से 14.00 किलोमीटर के दायरे में किया गया, ताकि संभावित खतरे वाले इलाकों की पहचान कर समय रहते सुरक्षा उपाय किए जा सकें।
संवेदनशील इलाकों की पहचान: इन 3 जगहों पर सबसे ज्यादा खतरा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि तटबंध के कई हिस्से बेहद संवेदनशील हैं और वहां विशेष चौकसी की जरूरत है।
1. बेलाघाट: नदी की धार के करीब हैं 200 घर और स्कूल
- स्थिति: यह क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है। यहां बाढ़ के दौरान पानी का बहाव बहुत तेज हो जाता है। पिछले साल भी यहां कटाव देखा गया था।
- खतरा: यहां स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की चहारदीवारी और एक स्थानीय मठ नदी की धार के बिल्कुल पास हैं। इसके अलावा, तटबंध के आसपास करीब 200 परिवारों के घर हैं, जिन पर सीधा खतरा है।
- निर्देश: इस साल यहां तुरंत कटाव रोकने (कटाव निरोधक) का काम शुरू करने और बारिश के दौरान 24 घंटे निगरानी रखने का आदेश दिया गया है।
2. गोढ़िया हराज: घनी आबादी के कारण बढ़ी चिंता
- स्थिति: इस जगह पर साल 2020 से पहले कटाव रोकने का काम हुआ था, लेकिन अब यह दोबारा संवेदनशील हो गया है।
- खतरा: इस इलाके में घनी आबादी बसती है। इसलिए, आगामी बाढ़ के मौसम में यहां विशेष चौकसी बरतने की सख्त जरूरत है।
3. तीयर सिकरहना सिजुआ लुप: जर्जर तटबंध और अतिक्रमण
- स्थिति: इस हिस्से में स्लूइस गेट के लिए 6 से 7 जगहों पर गैप (खाली जगह) छोड़े गए हैं, जिससे तटबंध कमजोर हो गया है।
- खतरा: स्थानीय ग्रामीणों द्वारा यहां अस्थाई झोपड़ियां बनाकर अतिक्रमण किया गया है। इस वजह से बाढ़ के समय अधिकारियों को निरीक्षण और राहत कार्य चलाने में भारी परेशानी आ सकती है।
तटबंधों की ऊंचाई कम, मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
पूरे निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने पाया कि आमतौर पर तटबंध की ऊंचाई कम है और कई जगहों पर यह बेहद कमजोर हो चुका है। इसे देखते हुए तटबंध को ऊंचा और मजबूत करने की सख्त जरूरत है।
प्रशासनिक कार्रवाई: इस काम के लिए विभागीय स्तर पर योजना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। SDO ने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया है कि विभागीय गाइडलाइंस के तहत सभी जरूरी काम मानसून से पहले जल्द से जल्द पूरे किए जाएं।
इस संयुक्त निरीक्षण टीम में सिकरहना तटबंध अवर प्रमंडल 01 एवं 02 के सहायक और कनीय अभियंता सहित चिरैया के अंचलाधिकारी (CO) मुख्य रूप से शामिल थे।






