बिहार के मोतिहारी में भारत विकास परिषद (सुंदरम शाखा) द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। 10 मई 2026 को स्थानीय ‘साह जी होटल’ में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के विस्तार, सामाजिक सेवा और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के डीन डॉ. परमवीर सिंह, प्रांतीय अध्यक्षा डॉ. पुतुल सिन्हा, नेशनल गतिविधि संयोजक एच.एन. भारद्वाज और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुंदरम शाखा के अध्यक्ष पुण्यदेव प्रसाद यादव ने किया।
सेवा का संकल्प: ‘मदद नहीं, समर्पण है जरूरी’
कार्यशाला के दौरान सेवा कार्यों की परिभाषा पर विशेष चर्चा हुई। नेशनल सेवा गतिविधि संयोजक ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा किसी पर उपकार या भीख की तरह नहीं, बल्कि समर्पण की भावना के साथ की जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि:
- सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाना भी सेवा का एक बड़ा माध्यम है।
- जरूरतमंदों को केवल तात्कालिक सहायता देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहिए (“मदद मछली देने जैसी नहीं, बल्कि मछली पकड़ना सिखाने जैसी होनी चाहिए”)।
संगठन विस्तार और महिला सशक्तिकरण
प्रांतीय अध्यक्षा डॉ. पुतुल सिन्हा ने परिषद के उद्देश्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। क्षेत्रीय अध्यक्षा श्रीमती सुमन सिंह ने संगठन विस्तार, नए सदस्यों को जोड़ने और महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही, क्षेत्रीय संपर्क संयोजक अमरनाथ सिंह ने अनुशासन और प्रोटोकॉल के महत्व को समझाते हुए बताया कि किसी भी संस्था की सफलता उसके अनुशासन में ही निहित होती है।
मुख्य अतिथि का संदेश: संस्कार और समर्पण
मुख्य अतिथि डॉ. परमवीर सिंह ने अपने उद्बोधन में संगठन की मूल भावना— ‘संस्कार, सेवा एवं समर्पण’ को व्यक्तिगत जीवन में उतारने की सलाह दी। उन्होंने सदस्यों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया।
विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण
इस कार्यशाला में बिहार के विभिन्न जिलों से परिषद की शाखाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रमुख समूहों में शामिल थे:
- सिवान: 10 सदस्य
- रक्सौल: 08 सदस्य
- मुजफ्फरपुर: 10-12 सदस्य
- शिवम एवं सुंदरम शाखा: लगभग 18 सदस्य
कार्यक्रम का समापन आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ‘धन्यवाद ज्ञापन’ और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह जानकारी सुंदरम शाखा की डॉ. मनीषा प्रसाद आर्या द्वारा साझा की गई है।






