बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। TRE 4.0 की अधिसूचना की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर हाल ही में हुए लाठीचार्ज को लेकर राजनीतिक गलियारे गर्म हैं। मोतिहारी में कांग्रेस नेताओं ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे युवाओं के साथ अन्याय करार दिया है।
नोटिफिकेशन की जगह मिलीं लाठियां: कांग्रेस
मोतिहारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश दयाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि बिहार में शिक्षक भर्ती (TRE 4.0) की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो युवा भविष्य के निर्माता बनना चाहते हैं और अपने हक की बात कर रहे हैं, सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए लाठियों का सहारा ले रही है।
युवाओं के साथ वादाखिलाफी का आरोप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। दयाल ने कहा कि चुनाव के समय रोजगार के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब युवा सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर उतरते हैं, तो उन्हें बर्बरता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे शासन की संवेदनहीनता और बेरोजगार युवाओं के प्रति अन्याय बताया।
उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि इस लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की जा रही किसी भी प्रकार की दंडात्मक या प्रशासनिक कार्यवाही को तुरंत रोकने की अपील की गई है।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस अवसर पर स्थानीय राजनीति के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकांत त्रिपाठी, अनवर आलम अंसारी, मुनमुन जायसवाल, राहुल शर्मा और दिलनवाज रशीद शामिल थे। सभी नेताओं ने एक सुर में शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से जल्द अधिसूचना जारी करने की बात कही।
संदर्भ: बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE 4.0) के लिए अभ्यर्थी लंबे समय से आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं। हाल के प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें देखने को मिली हैं, जिसने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।






