बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में सरकारी स्कूलों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने बंजारिया प्रखंड के कई विद्यालयों की जमीनी हकीकत परखी।
कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री अरुण कुमार ने बंजारिया प्रखंड के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख स्कूलों का दौरा किया। इनमें शामिल हैं:
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चईलहा
- उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अजगरी
- उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पकड़िया
- उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिंधिया हिबन
निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने सबसे पहले शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति पंजी (रजिस्टर) की जांच की। उन्होंने स्कूल के बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई और बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।
अधिकारी बने शिक्षक: बच्चों से पूछे सवाल
निरीक्षण की खास बात यह रही कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी केवल फाइलों की जांच तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे खुद क्लासरूम में पहुंचे। उन्होंने बच्चों को कुछ देर पाठ पढ़ाया और उनकी समझ को परखने के लिए विषय से संबंधित कई सवाल पूछे। बच्चों के उत्तर और उनकी पढ़ाई के स्तर को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
शिक्षकों को दिए आवश्यक निर्देश
स्कूलों में पठन-पाठन की स्थिति पर संतोष जाहिर करते हुए श्री अरुण कुमार ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि समय पर स्कूल आना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
संपादकीय नोट: बिहार सरकार के निर्देशानुसार, राज्य भर में अधिकारियों द्वारा स्कूलों के नियमित निरीक्षण का उद्देश्य शैक्षणिक वातावरण में सुधार लाना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे छात्रों तक पहुंचाना है।






