बिहार के मोतिहारी में नारी सम्मान और अधिकारों की मांग को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने एक विशाल विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के जरिए महिलाओं ने संसद में लंबित ‘नारी वंदन अधिनियम’ को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। महिलाओं का आरोप है कि कांग्रेस की वजह से यह महत्वपूर्ण बिल पारित होने में देरी हुई है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में फूटा महिलाओं का आक्रोश
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह, जिला अध्यक्ष पवन राज, और विधायक प्रमोद कुमार के साथ महिला नेत्री नीता शर्मा भी शामिल हुईं। नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह अधिनियम अत्यंत आवश्यक है।
भीषण गर्मी पर भारी पड़ा उत्साह
मोतिहारी की सड़कों पर निकले इस जनसैलाब में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल थीं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब महिलाएं अपने हक और स्वाभिमान के लिए चुप नहीं बैठेंगी।
क्या है नारी वंदन अधिनियम?
नारी वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) का उद्देश्य लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना है। भाजपा कार्यकर्ताओं का तर्क है कि विपक्षी दलों के अवरोध के कारण यह दशकों से अटका रहा, जबकि आम महिलाएं अब निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में अपनी भूमिका चाहती हैं।
भविष्य की राजनीति के लिए बड़ा संदेश
स्थानीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि मोतिहारी में महिलाओं की यह बड़ी भागीदारी आने वाले समय में एक बड़े बदलाव का संकेत है। इस मार्च के जरिए भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि ‘नारी शक्ति’ अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और वे इसे हासिल करने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगी।






