मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस की कार्रवाई से नाराज एक महिला अपनी मांग मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गई। जिले के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में हुए इस वाकये ने घंटों तक पुलिस और प्रशासन की सांसें अटकाए रखीं।
शराब मामले में गिरफ्तारी बनी विवाद की जड़
पूरा मामला शराब से जुड़े एक पुराने केस से शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, रंजीत पासवान नामक व्यक्ति शराब कांड में वांछित था और काफी समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर रंजीत को गिरफ्तार कर लिया और उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की।
इसी बीच, रंजीत के छोटे भाई की पत्नी ने स्थानीय थाना अध्यक्ष पर मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही विरोध का तरीका ‘फिल्मी’ हो गया और महिला सीधे ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ी।
”भसुर को लाओ, तभी उतरूंगी” – टावर पर घंटों चली जिद
टावर की ऊंचाई पर चढ़ी महिला ने नीचे उतरने के लिए शर्त रख दी कि जब तक उसके भसुर (जेठ) को पुलिस छोड़ नहीं देती, वह नीचे नहीं आएगी। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
प्रशासन के फूले हाथ-पांव, तैनात हुई फायर ब्रिगेड
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी और बीडीओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ते देख एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम को भी बुला लिया गया।
महिला को समझाने के लिए पुलिस आरोपी रंजीत पासवान को अदालत की अनुमति से मौके पर भी लेकर आई। हालांकि, महिला की जिद इतनी बढ़ गई थी कि उसने मांग की कि उसके भसुर को अब दोबारा जेल नहीं भेजा जाएगा, तभी वह नीचे आएगी।
सुरक्षित रेस्क्यू और प्रशासनिक सतर्कता
पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के घंटों चले मान-मनौव्वल और सुरक्षा के आश्वासन के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका। प्रशासन ने राहत की सांस ली कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। पुलिस अब इस मामले के कानूनी पहलुओं और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक संपत्ति या टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। किसी भी शिकायत के लिए कानूनी रास्ता अपनाना ही सही समाधान है।






