बिहार के मोतिहारी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के पताही थाना क्षेत्र स्थित खुटौना सरेह में अपराधियों ने न केवल किसानों की मेहनत की फसल लूटने की कोशिश की, बल्कि विरोध करने पर उन पर जानलेवा हमला भी कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक किसान की नाक काट दी गई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार की सुबह खुटौना सरेह में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हथियारबंद अपराधियों ने खेत में रखी गेहूं की फसल पर धावा बोल दिया। पीड़ित किसान बिजली सिंह अपने परिजनों के साथ कटी हुई फसल की रखवाली कर रहे थे।
तभी गांव के ही सुनील कुमार सिंह अपने करीब एक दर्जन साथियों के साथ वहां पहुंचे और जबरन गेहूं लूटने लगे। जब किसानों ने अपनी मेहनत की उपज बचाने की कोशिश की, तो अपराधियों ने उन पर फरसा और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में तीन किसान घायल, एक की हालत नाजुक
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने धारदार हथियार (फरसा) से वार कर किसान बिजली सिंह की नाक काट दी। बीच-बचाव करने आए अन्य किसान सुशील सिंह और धर्मेंद्र को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
- प्राथमिक उपचार: घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
- रेफर: बिजली सिंह की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने इस अनहोनी की आशंका पहले ही जता दी थी।
- तीन दिन पहले दी थी सूचना: पीड़ित परिवार के अनुसार, फसल चोरी और जान के खतरे को लेकर तीन दिन पहले ही थाने में लिखित शिकायत दी गई थी।
- लापरवाही का आरोप: किसानों का कहना है कि अगर पुलिस ने उस वक्त उनकी शिकायत पर संज्ञान लिया होता या क्षेत्र में गश्त बढ़ाई होती, तो आज यह खून-खराबा नहीं होता।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद खुटौना गांव और आसपास के इलाकों में डर और गुस्से का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगर ‘अन्नदाता’ अपने ही खेत में सुरक्षित नहीं है, तो प्रशासन की मुस्तैदी के दावे खोखले हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी है।






