बिहार के मोतिहारी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिले के आम नागरिकों और विशेष रूप से बीपीएल परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए आगामी 17 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में होगी समीक्षा
जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ जोरवाल इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना की वर्तमान प्रगति की जांच करना और आने वाली बाधाओं को दूर करना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपनाकर अपने बिजली बिल से मुक्ति पा सकें।
बैंकिंग सेक्टर और विद्युत विभाग के बीच बनेगा तालमेल
योजना को धरातल पर उतारने के लिए बैंकों की भूमिका सबसे अहम है। इसे ध्यान में रखते हुए:
- सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) के प्रमुखों को बैठक में आमंत्रित किया गया है।
- विद्युत विभाग और बैंकिंग अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर चर्चा होगी।
- लोन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को चक्कर न काटने पड़ें।
लंबित आवेदनों का होगा त्वरित निपटारा
बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर उन आवेदनों की समीक्षा है जो अभी तक किसी कारणवश लंबित (Pending) या अस्वीकृत (Rejected) कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहें।
ग्रामीण स्तर पर बढ़ाई जाएगी जागरूकता
प्रशासन का विशेष जोर इस बात पर है कि योजना की जानकारी केवल शहरों तक सीमित न रहे।
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- गांव-गांव तक संदेश: ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया जाएगा।
- बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता: गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?
यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकती है और अतिरिक्त बिजली को वे वापस सरकार को बेचकर आय भी कर सकते हैं।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






