बिहार के पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है। महिला एवं बाल विकास निगम की मुस्तैदी और हेल्पलाइन नंबर 181 से मिली सटीक जानकारी के कारण एक नाबालिग बच्ची का विवाह होने से रुक गया। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने न केवल शादी रुकवाई, बल्कि परिवार को जागरूक कर एक नई मिसाल भी पेश की।
गुप्त सूचना पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
यह मामला पूर्वी चम्पारण के कल्याणपुर क्षेत्र का है। 19 मार्च, 2026 को महिला हेल्पलाइन ‘181’ पर एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि यहाँ एक बाल विवाह संपन्न होने जा रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन, वन स्टॉप सेंटर और कल्याणपुर थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई।
ग्रामीणों और मुखिया की मौजूदगी में हुई काउंसिलिंग
मौके पर पहुँचे अधिकारियों ने स्थानीय मुखिया लालपरी देवी और ग्रामीणों के साथ एक आपात बैठक की। प्रशासनिक टीम ने परिवार को बाल विवाह के कानूनी परिणामों और कम उम्र में शादी से बच्ची के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया।
आपसी सहमति से लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय:
काउंसिलिंग के बाद वधु और वर पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार की और लिखित रूप में निम्नलिखित शर्तों पर सहमति जताई:
- शादी पर तत्काल रोक: फिलहाल शादी को रोक दिया गया है।
- उम्र सीमा का पालन: अब लड़की की शादी तभी होगी जब वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेगी।
- दहेज मुक्त विवाह: परिवार ने संकल्प लिया है कि भविष्य में यह विवाह पूरी तरह दहेज मुक्त होगा।
- नई तिथि का निर्धारण: सहमति पत्र के अनुसार, अब यह विवाह 20 जनवरी 2027 से 31 जनवरी 2027 के बीच संपन्न किया जाएगा।
- अनिवार्य रिपोर्टिंग: शादी संपन्न होने के बाद वधु पक्ष इसकी लिखित सूचना ‘वन स्टॉप सेंटर’ को देगा।
मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी
इस सफल अभियान में पुलिस बल की ओर से ASI सुनील कुमार भगत, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के जेंडर विशेषज्ञ निर्भय कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ रितेश कुमार और वन स्टॉप सेंटर के शशि प्रकाश यादव ने मुख्य भूमिका निभाई।
प्रशासन की अपील: सजग बनें, बेटियों को बचाएं
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध है। यदि आपके आसपास कहीं भी ऐसा मामला सामने आता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करें। आपकी एक छोटी सी सूचना किसी बेटी का भविष्य सुरक्षित कर सकती है।
संपादकीय नोट: बाल विवाह (निषेध) अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी करना दंडनीय अपराध है।






