बिहार 

मोतिहारी: गर्मी को देखते हुए स्कूलों में पुख्ता होंगे इंतजाम, डीएम सौरभ जोरवाल ने दिए सख्त निर्देश

On: March 19, 2026 8:37 PM
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पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी): जिले की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए आज जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को मोतिहारी के डॉ. राधाकृष्णन भवन में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

​बैठक में जिलाधिकारी ने छात्रों की सुविधाओं से लेकर छात्रवृत्ति और बुनियादी ढांचे तक के कई अहम मुद्दों पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।

​भीषण गर्मी के लिए स्कूलों को तैयार रहने का आदेश

​मौसम के बदलते मिजाज और आने वाली भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सबसे अधिक जोर छात्रों की सेहत और सुविधा पर दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी विद्यालयों में:

  • बिजली और पंखों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • ​बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल (पीने का पानी) उपलब्ध हो।
  • शौचालय साफ-सुथरे और उपयोग के लायक हों।

​स्मार्ट क्लास और आधुनिक शिक्षा पर जोर

​शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि स्कूलों में लगाए जा रहे स्मार्ट क्लास और आई.सी.टी. (ICT) लैब का संचालन केवल कागजों पर न हो, बल्कि इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि बच्चे इसका वास्तविक लाभ उठा सकें। इसके साथ ही, स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों (असैनिक कार्य) को समय सीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए।

​वंचित बच्चों और बालिकाओं के नामांकन पर फोकस

​शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुँचाने के लिए बैठक में दो प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई:

  1. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय: आगामी शैक्षणिक सत्र में लक्ष्य के अनुसार 100% नामांकन और छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
  2. ज्ञानदीप पोर्टल: समाज के कमजोर और बीपीएल (BPL) श्रेणी के बच्चों के लिए प्राप्त आवेदनों के आधार पर चयनित सभी छात्रों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

​छात्रवृत्ति और प्रशासनिक कार्यों में तेजी

​छात्रों के भविष्य से जुड़ी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (2024-25 और 2025-26) के लंबित आवेदनों को लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और सभी स्तरों पर इनका समय से सत्यापन (Verification) पूरा करने का आदेश दिया। इसके अलावा, निजी स्कूलों की मान्यता के लिए ‘ई-संबंधन पोर्टल’ पर आए आवेदनों की जांच भी समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।

​बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

​इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना एवं माध्यमिक शिक्षा), पीएम पोषण योजना के प्रभारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEOs), सहायक एवं कनीय अभियंता सहित बिहार शिक्षा परियोजना के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशासन का संदेश: जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर माहौल देना प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संभाग प्रभारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

Sachcha Samachar Desk

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