पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र स्थित अधिकारी गांव में एक शादी समारोह की खुशी उस समय विवाद में बदल गई, जब बारातियों और ग्रामीणों के बीच झगड़ा हो गया। अब इस मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया है, जहाँ एक पक्ष पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए न्याय की गुहार लगा रहा है।
बारात के दौरान शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, यह मामला 21 अप्रैल का है जब रामेश्वर प्रसाद के पुत्र बबलू कुमार की शादी हो रही थी। बारात निकलने से पहले ‘परिछावन’ की रस्म चल रही थी और बाराती नाच-गाने में व्यस्त थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और बारातियों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
समझौते की कोशिश रही नाकाम
शादी संपन्न होने और बारात वापस लौटने के बाद, मामले को सुलझाने के लिए बंजरिया थाने के पास एक सामाजिक पंचायत बुलाई गई थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समझौता करने की कोशिश की गई, लेकिन आपसी सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद विवाद और गहरा गया।
पुलिसिया कार्रवाई और परिजनों की आपत्ति
विवाद के बाद दूसरे पक्ष के शिवपूजन शाह ने बंजरिया थाने में मारपीट और अपहरण की धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रामेश्वर शाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हालांकि, इस गिरफ्तारी पर रामेश्वर शाह की पत्नी, विवाह देवी ने कड़ा एतराज जताया है। उनका दावा है कि:
- शिकायत में लगाए गए मारपीट और अपहरण के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
- जिस स्थान पर पंचायत हुई थी, वहां CCTV कैमरे लगे हुए हैं।
- पुलिस ने फुटेज की जांच किए बिना ही एकतरफा कार्रवाई की है।
निष्पक्ष जांच की मांग
विवाह देवी ने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं ताकि सच सामने आ सके और उनके परिवार को न्याय मिल सके। फिलहाल, गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है और पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।






