बिहार सरकार की पहल पर पूर्वी चम्पारण जिले में जन शिकायतों के निपटारे के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देशानुसार, अब नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन कर प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुँचेगा।
क्या है ‘सहयोग शिविर’ और कब से होगा शुरू?
पूर्वी चम्पारण में यह अभियान 19 मई 2025 से शुरू होने जा रहा है। यह शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही राजस्व, भूमि सुधार और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निष्पादन करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन शिविरों की अध्यक्षता स्वयं डीएम, डीडीसी या अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी करेंगे।
शिकायतों के निपटारे की नई समय-सीमा
प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ कड़े नियम तय किए हैं:
- 30 दिन पहले आवेदन: नागरिक शिविर की तारीख से 30 दिन पहले अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
- अनिवार्य निष्पादन: शिविर की तिथि आने से पहले उस पंचायत से जुड़े सभी पुराने आवेदनों का निपटारा करना अधिकारियों के लिए अनिवार्य होगा।
- लिखित सूचना: शिकायतकर्ता को उसके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में दी जाएगी।
डिजिटल मॉनिटरिंग और जवाबदेही
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी शिकायतों को ‘शिविर संवाद समाधान पोर्टल’ पर दर्ज किया जाएगा।
- Real Time Monitoring: जिले के वरिष्ठ अधिकारी पोर्टल के माध्यम से यह देख सकेंगे कि किस शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई।
- लापरवाही पर कार्रवाई: जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जो अधिकारी शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं लेंगे या कार्य संतोषजनक नहीं होगा, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिविर में मिलेंगी ये सुविधाएँ
सहयोग शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवन या सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा। यहाँ आम जनता के बैठने की उचित व्यवस्था होगी। साथ ही:
- अदालती मामलों की जानकारी: अंचल और राजस्व स्तर के अधिकारी अपने यहाँ लंबित और निपटाए गए मामलों की सूची प्रदर्शित करेंगे।
- योजनाओं की जानकारी: केंद्र और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को शिक्षित किया जाएगा।
- कार्यालयों में उपस्थिति: शिविर के अलावा, हर सोमवार और शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारी मौजूद रहकर जनता की बात सुनेंगे।
प्रशासनिक संदेश:
जिलाधिकारी के अनुसार, ‘सहयोग शिविर’ सरकार और आम जनता के बीच एक पुल की तरह काम करेगा। इसका लक्ष्य “सबका सम्मान, जीवन आसान” को धरातल पर उतारना है, ताकि आम नागरिक को अपनी वाजिब समस्याओं के लिए परेशान न होना पड़े।






