पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-139W (NH-139W) के निर्माण की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है। जिले में जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के काम को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए प्रशासन अब सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है।
हरसिद्धि में विशेष शिविर का आयोजन
इसी कड़ी में, आज हरसिद्धि अंचल में एक विशेष कैंप लगाया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जमीन के बदले मुआवजा पाने वाले रैयतों (जमीन मालिकों) की समस्याओं को सुनना और उनसे जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करना था। शिविर में बड़ी संख्या में उन ग्रामीणों ने हिस्सा लिया जिनकी जमीन इस हाईवे निर्माण के दायरे में आ रही है।
मौके पर ही हुआ समस्याओं का निपटारा
इस कैंप की खास बात यह रही कि यहाँ जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO) और अंचल अधिकारी (CO) समेत राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी खुद मौजूद थे।
- दस्तावेजों का संकलन: रैयतों ने अपनी जमीन से जुड़े कागजात जमा किए।
- शंका समाधान: ग्रामीणों के मन में मुआवजे और प्रक्रिया को लेकर जो भी सवाल थे, अधिकारियों ने मौके पर ही उनका जवाब देकर संतुष्ट किया।
- त्वरित कार्रवाई: कानूनगो और राजस्व पदाधिकारियों की टीम ने फाइलों का मिलान कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
5 अंचलों के 45 गांवों में चल रहा है काम
बता दें कि NH-139W परियोजना जिले के 5 अंचलों और 45 मौजों (गांवों) से होकर गुजरनी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो और किसानों को उनका हक समय पर मिले।
प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने सभी संबंधित भू-स्वामियों से अपील की है कि वे आने वाले शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। समय पर सही दस्तावेज जमा करने से मुआवजे के भुगतान में आसानी होगी और सड़क निर्माण का कार्य भी जल्द पूरा हो सकेगा।
क्या है NH-139W?
यह एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी। इसके बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जिला प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।






