पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कुछ क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। तुरकौलिया, हरदिया और शंकर सरैया जैसे गांवों में विशेष अभियान चलाकर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
मेडिकल टीम का ‘डोर-टू-डोर’ अभियान
बीमारी की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में डोर-टू-डोर (घर-घर) भ्रमण कर रही हैं। मेडिकल टीम न केवल लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है, बल्कि उन्हें बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक भी कर रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य संक्रमण या बीमारी के किसी भी लक्षण को शुरुआती चरण में ही पकड़ना है।
संदिग्ध मरीजों के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था
जाँच के दौरान यदि कोई भी सस्पेक्ट (संदिग्ध) मामला सामने आ रहा है, तो उसे बिना देरी किए एम्बुलेंस के जरिए सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि मरीजों को त्वरित राहत मिल सके।
बड़े अधिकारी खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिले के सिविल सर्जन और डीपीएम (DPM) सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और चिकित्सक लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। अधिकारियों की टीम पल-पल की रिपोर्ट ले रही है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।
विभाग की ओर से जारी मुख्य कदम:
- रात्रि कैंप: प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम दिन के साथ-साथ रात में भी कैंप कर रही है ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
- माइकिंग द्वारा जागरूकता: गांवों में लाउडस्पीकर (माइकिंग) के जरिए लोगों को सूचित किया जा रहा है कि यदि उनके स्वास्थ्य में थोड़ा भी उतार-चढ़ाव महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल टीम से संपर्क करें।
प्रशासन की अपील: रहें सतर्क, न करें लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं बल्कि सतर्क और जागरूक रहें। प्रशासन द्वारा जारी की गई चेतावनियों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जाँच टीम को सही जानकारी देकर सहयोग करें ताकि इस स्थिति से जल्द से जल्द निपटा जा सके।
बचाव के सूत्र:
”स्वास्थ्य में बदलाव महसूस होते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या गांव में मौजूद मेडिकल टीम को सूचित करें। समय पर जाँच ही सबसे बड़ा बचाव है।”






