बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले से जमीन धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। संग्रामपुर थाना पुलिस ने जमीन की अवैध रजिस्ट्री कराने के आरोपी कातिब (दस्तावेज लेखक) को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला संग्रामपुर थाना क्षेत्र के बरियरिया टोला राजपुर गाँव से जुड़ा है। गाँव के निवासी राकेश कुमार ने थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप था कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई और गलत तरीके से उनकी जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम करा दी गई।
पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू की और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।
आरोपी की गिरफ्तारी और पहचान
पुलिस की जांच में ठिकहा भवानीपुर गांव के रहने वाले ओमप्रकाश द्विवेदी का नाम सामने आया, जो पेशे से कातिब हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर और तथ्यों को छिपाकर जमीन की धोखाधड़ी वाली रजिस्ट्री तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई।
पुलिस की कार्रवाई
संग्रामपुर थानाध्यक्ष अनूप कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि:
- आरोपी ओमप्रकाश द्विवेदी को पुलिस ने उसके आवास के पास से गिरफ्तार किया।
- आवश्यक पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
- पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा हो सके।
जमीन रजिस्ट्री के समय इन बातों का रखें ध्यान
अक्सर ग्रामीण इलाकों में कातिब या बिचौलियों के माध्यम से जमीन की खरीद-बिक्री होती है। धोखाधड़ी से बचने के लिए विशेषज्ञों की ये सलाह हमेशा याद रखें:
- दस्तावेजों की जांच: रजिस्ट्री से पहले तहसील कार्यालय में जाकर जमीन के पुराने रिकॉर्ड (खतियान) जरूर चेक करें।
- स्वयं उपस्थिति: बिना खुद पढ़े या बिना किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह के किसी भी कागजात पर अंगूठा या हस्ताक्षर न करें।
- पहचान का सत्यापन: गवाहों और जमीन बेचने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि स्वयं करें।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






