बिहार के मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में एक दिवसीय भव्य रामकथा का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य राजन महाराज ने अपनी अमृतवाणी से श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सारण के विधायक सचिंद्रनाथ राय मौजूद रहे।
हनुमान चालीसा और संकीर्तन से हुई शुरुआत
कथा का शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ और “श्री राम जय राम जय जय राम” के सामूहिक संकीर्तन के साथ हुआ। पूरे प्रेक्षागृह का वातावरण भगवान राम के जयकारों से गूंज उठा। राजन महाराज ने मधुर भजनों के जरिए भक्तों को कथा के मूल भाव से जोड़ा।
माता शबरी की अटूट श्रद्धा का वर्णन
कथा के मुख्य प्रसंग में राजन महाराज ने माता शबरी की निष्कलंक भक्ति का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे शबरी ने अपने गुरु मातंग ऋषि के वचनों पर अडिग विश्वास रखते हुए वर्षों तक प्रभु राम की प्रतीक्षा की।
कथा के मुख्य बिंदु:
- प्रतीक्षा का फल: शबरी रोज जंगल से मीठे बेर चुनकर लाती थीं ताकि प्रभु को खट्टे फल न मिलें।
- नवधा भक्ति: भगवान राम ने शबरी को जो उपदेश दिए, वे सिद्ध करते हैं कि ईश्वर को केवल निस्वार्थ प्रेम और सच्ची श्रद्धा ही प्रिय है।
- अटूट विश्वास: राजन महाराज ने कहा कि जब भक्त का धैर्य और विश्वास सच्चा हो, तो भगवान को स्वयं चलकर भक्त के पास आना पड़ता है।
भाईचारे का संदेश: राम और भरत का त्याग
आज के दौर में टूटते रिश्तों पर कटाक्ष करते हुए महाराज ने श्री राम और भरत के प्रेम का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भाईचारा अक्सर धन और संपत्ति तक सीमित हो गया है। इसके विपरीत, भरत ने राजसिंहासन को ठुकरा कर 14 वर्षों तक खड़ाऊं को आधार मानकर धर्म का पालन किया। यह प्रसंग सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
मोतिहारी में जल्द होगी 9 दिवसीय कथा
भक्तों के उत्साह को देखते हुए राजन महाराज ने घोषणा की कि वे जल्द ही मोतिहारी की धरती पर 9 दिवसीय विस्तृत रामकथा का आयोजन करेंगे। उन्होंने बताया कि मोतिहारी में यह उनका पहला कार्यक्रम था और वर्तमान में उनकी कथा बेतिया में चल रही है।
सफल आयोजन और समापन
कार्यक्रम का समापन ‘हरे राम’ महामंत्र के जाप के साथ हुआ। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में मुख्य संयोजक राय केशव शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और सभी ने सुख-समृद्धि की कामना की।
संपादन नोट: यह समाचार स्थानीय धार्मिक आयोजन की रिपोर्टिंग पर आधारित है और इसमें सांप्रदायिक सद्भाव व नैतिक मूल्यों पर जोर दिया गया है।






