बिहार के मुंगेर जिले में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांधी चौक स्थित एक आभूषण दुकान में चोरी के लॉकेट बेचने पहुंचे युवक को दुकानदार ने पहचान लिया। दुकानदार की समझदारी और स्थानीय लोगों की तत्परता से आरोपी न केवल रंगेहाथ पकड़ा गया, बल्कि उसके पास से चोरी का सोने और चांदी का लॉकेट भी बरामद हुआ।
पकड़े गए युवक की पहचान मुंगेर शहर के दारू गोदाम गुलजार पोखर निवासी विकास कुमार, पिता राधेश्याम शाह के रूप में हुई है। आरोपी के पास से एक सोने का लॉकेट और दो चांदी के लॉकेट मिले हैं, जिनकी चोरी की पुष्टि पुलिस ने की है।
सीसीटीवी फुटेज बना आरोपी की गिरफ्तारी का सबूत
दरअसल, गांधी चौक के ज्वेलरी शॉप मालिक ने तुरंत ही आरोपी को पहचान लिया। यह वही युवक था, जो गुरुवार को चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम देकर फरार हुआ था। पुलिस ने उसी दिन संदिग्ध युवक का सीसीटीवी फुटेज जारी किया था। इसी फुटेज की मदद से दुकानदार ने आरोपी की पहचान की और तुरंत स्थानीय लोगों को सूचना दी।
कुछ ही मिनटों में दर्जनों लोग दुकान पर जुट गए। भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना पाकर मौके पर डायल 112 की पुलिस टीम पहुंची और किसी तरह भीड़ से छुड़ाकर आरोपी को अपने कब्जे में लिया।
पुलिस हिरासत में आरोपी, कबूल किए दो अपराध
पुलिस ने घायल आरोपी को प्राथमिक इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा। वहां उपचार के बाद उसे कोतवाली थाना लाया गया। पूछताछ के दौरान विकास कुमार ने दो चैन स्नैचिंग की वारदात को कबूल किया।
उसने बताया कि गुरुवार को उसने घोष टोला निवासी विशाल कुमार उर्फ बंटी सिंह के 12 वर्षीय पुत्र अरव कुमार से चैन छीन लिया था। घटना सीसीटीवी में साफ-साफ रिकॉर्ड हुई थी, जिसके कारण उसकी पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी।
आरोपी अकेला या गिरोह से जुड़ा?
कोतवाली पुलिस का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या फिर अकेले ही वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने बरामद आभूषणों को कब्जे में ले लिया है और पीड़ित परिवारों की पहचान के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों में नाराज़गी और भय
गांधी चौक पर इस घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित दिखे। कई लोगों का कहना है कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार से पहले अपराधियों की ऐसी सक्रियता चिंता का विषय है। लोग मानते हैं कि अगर दुकानदार ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो चोरी का माल आसानी से बिक जाता और आरोपी बच निकलता।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुलिस शहर में गश्ती बढ़ाए और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सख्त कदम उठाए।
अपराधी के घर तक पहुंची चर्चा
घटना के बाद इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई। कई लोग आरोपी के घर तक जाकर उसकी हरकतों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आसपास के लोग भी यह मान रहे हैं कि अगर समय रहते उसे रोका न गया होता तो त्योहार के दौरान और बड़ी वारदातें हो सकती थीं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
गांधी चौक की यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गई। लोग दुकानदार की तारीफ करते हुए लिख रहे हैं कि उसकी सतर्कता ने कई परिवारों को नुकसान से बचा लिया। वहीं कई लोग यह भी कह रहे हैं कि भीड़ द्वारा आरोपी की पिटाई करना सही नहीं था, बल्कि उसे तुरंत पुलिस के हवाले करना चाहिए था।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
मुंगेर पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि “चोरी या स्नैचिंग जैसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस हर संदिग्ध की पहचान कर रही है और अपराधियों की धरपकड़ जारी है।”
त्योहारों से पहले बढ़ी पुलिस की चुनौती
मुंगेर जैसे ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले शहर में दुर्गा पूजा जैसे पर्व पर लाखों लोग जुटते हैं। ऐसे में स्नैचिंग और चोरी की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं। पुलिस प्रशासन पर अब यह दबाव है कि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लोग त्योहार निडर होकर मना सकें।
विशेषज्ञों की राय
क्राइम मामलों के जानकार मानते हैं कि छोटे अपराधी अक्सर बड़े गिरोहों का हिस्सा बन जाते हैं। अगर समय रहते इन्हें पकड़ा न जाए तो ये बड़े अपराधों की ओर बढ़ सकते हैं। गांधी चौक की यह घटना भी संकेत देती है कि शहर में ऐसे गिरोह सक्रिय हो सकते हैं, जिनकी तलाश पुलिस को करनी होगी।
निष्कर्ष
मुंगेर के गांधी चौक की यह घटना न केवल पुलिस और प्रशासन के लिए चेतावनी है बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सबक है। दुकानदार की सतर्कता ने साबित कर दिया कि अगर लोग जागरूक हों तो अपराधियों को रंगेहाथ पकड़ा जा सकता है।
त्योहारों से पहले अपराधियों की सक्रियता पुलिस के लिए चुनौती है। लेकिन इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि नागरिक और पुलिस मिलकर अपराध पर लगाम लगा सकते हैं। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई कितनी सख्त होती है और क्या ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाकर शहर को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।








