स्थान: मोतिहारी, बिहार
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह
बिहार के मोतिहारी में हाल ही में हुए जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मृत्यु के बाद राज्य प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना को रोकने में नाकाम रहने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में मद्यनिषेध विभाग ने मोतिहारी उत्पाद थाना और मोबाइल टीम में तैनात 14 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उत्पाद विभाग में प्रशासनिक सख्ती
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोक पाने में स्थानीय स्तर पर हुई विफलता को विभाग ने गंभीरता से लिया है। इन 14 अधिकारियों के निलंबन के बाद प्रशासनिक स्तर पर अन्य कर्मियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में कुछ अन्य अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
मृतकों के परिजनों की मुख्य मांगें
प्रशासन द्वारा की गई इस निलंबन की कार्रवाई का मृतकों के परिजनों ने समर्थन किया है। हालांकि, उनकी मुख्य मांग यह है कि केवल अधिकारियों के निलंबन तक सीमित न रहकर, इस अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मुख्य दोषियों और शराब माफियाओं को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर सवाल
मोतिहारी की इस घटना ने बिहार में शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत और उसके क्रियान्वयन की प्रभावशीलता पर तथ्यपरक सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सवाल यह है कि राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद अवैध स्प्रिट और जहरीली शराब का नेटवर्क स्थानीय स्तर पर कैसे संचालित हो रहा है।
वर्तमान में स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि अवैध शराब के आपूर्ति तंत्र (सप्लाई चेन) को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।






