बरियारपुर के नया छावनी स्थित संतमत सत्संग आश्रम परिसर में आगामी 31 अक्टूबर (शनिवार) को एक दिवसीय बहु-क्षेत्रीय संतमत सत्संग सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक आयोजन में मुंगेर, भागलपुर, जमालपुर, लखीसराय और खगड़िया सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग ढाई हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
भागलपुर कुप्पाघाट के स्वामी प्रमोद बाबा देंगे प्रवचन
इस सम्मेलन में मुख्य रूप से भागलपुर कुप्पाघाट (संतमत सत्संग के सिद्ध पीठ) के वरिष्ठ संत स्वामी प्रमोद जी महाराज और अन्य साधु-संतों का प्रवचन होगा। कार्यक्रम के दौरान भजन, कीर्तन, संतवाणी पाठ, रामायण पाठ और आरती गान का भी आयोजन किया जाएगा।
दो सत्रों में होगा कार्यक्रम, मुफ्त भंडारे की व्यवस्था
आश्रम के सचिव सुदामा चौधरी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सत्संग दो सत्रों में चलेगा:
- पहला सत्र: सुबह 6:00 बजे से
- दूसरा सत्र: दोपहर 2:00 बजे से
दोनों सत्रों की समाप्ति के तुरंत बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन (सामूहिक भंडारा) और ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
52वें वार्षिक जिला अधिवेशन पर भी होगी चर्चा
31 अक्टूबर को ही दिन के 12:00 बजे नया छावनी आश्रम में ‘मुंगेर जिला संतमत सत्संग समिति’ की एक विशेष बैठक भी होगी। इस बैठक में अगले वर्ष मार्च में गंगटा दरियापुर के जनार्दन डीह ग्राम में होने वाले 52वें वार्षिक जिला अधिवेशन की रूपरेखा और तैयारियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
तैयारियों को लेकर समिति की बैठक संपन्न
सोमवार को इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए आश्रम परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता आश्रम के अध्यक्ष दीप नारायण यादव ने की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 31 अक्टूबर को मुंगेर जिला संतमत सत्संग समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा और महासचिव प्रमोद कुमार साह द्वारा दीप प्रज्वलित कर सत्संग सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
आयोजन की रणनीति तय करने के लिए हुई इस बैठक में मनोज मंडल, युधिष्ठिर शर्मा, जगदीश प्रसाद साह, राजन कुमार चौरसिया, आशीष कुमार, चंद्रभानु शेखर, संजीव कुमार, राजीव यादव, राम मनोहर यादव, विनोद कुमार तांती, रामविलास महतो, विनोद प्रभाकर, रामजी तांती और रवि शेखर कुमार सहित कई सत्संगी मौजूद थे। सभी ने कार्यक्रम को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव साझा किए।








