मोतिहारी, पूर्वी चंपारण आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार ने कमर कस ली है। इसी सिलसिले में मोतिहारी के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, श्री नितिन त्रिपाठी की अध्यक्षता में सभी कार्यकारी अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
बैठक के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से अटके मामलों की समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभागों के लंबित केसों की सूची प्राथमिकता के आधार पर तैयार करें। मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
- श्रम से जुड़े विवाद (Labour Cases)
- खनन संबंधी मामले
- वन विभाग से संबंधित वाद
- ट्रैफिक ई-चालान
ई-चालान पर 50% की विशेष छूट
आम नागरिकों के लिए इस बार की लोक अदालत एक बड़ी राहत लेकर आई है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे ई-चालान लंबित हैं जो 90 दिनों से भी अधिक पुराने हैं।
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि लोक अदालत के माध्यम से वाहन मालिक और चालक अपने लंबित चालान का निपटारा सिर्फ 50 प्रतिशत राशि जमा करके कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को आर्थिक राहत देना और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
ट्रैफिक मामलों के लिए विशेष बेंच
ई-चालान के मामलों की सुनवाई और तुरंत समाधान के लिए महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में तीन विशेष बेंचों का गठन किया गया है। यहाँ लोग आकर अपने ट्रैफिक से जुड़े विवादों को खत्म कर सकेंगे।
सुलभ न्याय के लिए अधिकारियों को निर्देश
सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने अधिकारियों से अपील की कि वे आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करें। उन्होंने जोर दिया कि:
- सभी संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजा जाए।
- योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि गांव-गांव तक लोगों को इसकी जानकारी मिले।
- आम जनता को बार-बार कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को सरल रखा जाए।
बैठक में शामिल रहे मुख्य अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री रामजन्म पासवान, जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीमती निवेदिता कुमारी, और श्रम पदाधिकारी श्री रमाकांत कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके अलावा माप-तौल, बाल संरक्षण और दिव्यांगजन कोषांग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
निष्कर्ष: 09 मई की लोक अदालत का मुख्य लक्ष्य न्याय को जनता के द्वार तक पहुँचाना है। यदि आपका भी कोई सरकारी मामला या ट्रैफिक चालान लंबित है, तो यह उसे सुलझाने का सबसे सुनहरा और किफायती अवसर है।






