बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीम ने घोड़ासहन इलाके में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
चार थानों की पुलिस ने एक साथ दी दबिश
घोड़ासहन के मुख्य बाजार, मेन रोड और वीरता चौक पर स्थित करीब आधा दर्जन दुकानों में पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। इस बड़े ऑपरेशन की कमान साइबर डीएसपी अभिनव प्रसाद संभाल रहे थे। उनके साथ इंस्पेक्टर मुमताज अहमद, ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय और घोड़ासहन थाना प्रभारी आशीष कुमार समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। छापेमारी की भनक लगते ही कुछ संदिग्ध मौके से भागने में सफल रहे।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस टीम ने सबसे पहले ‘रेडीमेड सेंटर’ नामक दुकान की तलाशी ली, जहाँ से भारतीय और नेपाली मुद्रा का बड़ा जखीरा मिला। इसके बाद एक संदिग्ध के घर पर भी छापा मारा गया, जहाँ से नोटों से भरा बैग बरामद हुआ।
- बरामदगी: अब तक के आकलन के अनुसार लगभग 45 लाख रुपये जब्त किए जा चुके हैं।
- दस्तावेज: पुलिस ने बैंक लेनदेन के कागजात, क्यूआर कोड स्कैनर और कई डिजिटल उपकरण भी कब्जे में लिए हैं।
क्या है पूरा मामला? (करेंसी एक्सचेंज या साइबर अपराध)
इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण भारतीय और नेपाली मुद्रा के अवैध विनिमय (Exchange) का रैकेट बताया जा रहा है। चूंकि घोड़ासहन नेपाल सीमा के करीब है, इसलिए यहाँ विदेशी मुद्रा का अवैध कारोबार होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इन रुपयों का कनेक्शन किसी बड़े साइबर अपराध नेटवर्क से तो नहीं है।
जांच जारी, बड़े खुलासे की उम्मीद
देर शाम तक पुलिस का तलाशी अभियान जारी रहा। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार काफी गहरे जुड़े हो सकते हैं और जल्द ही इस अवैध कारोबार के पीछे के मुख्य चेहरों का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है।
संदर्भ: यह रिपोर्ट मोतिहारी के घोड़ासहन में हुई पुलिस छापेमारी की घटनाओं पर आधारित है। अंतिम आंकड़ों की पुष्टि आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी (बिहार)







