बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में नशे के अवैध व्यापार और खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में आयोजित ‘एन-कोर्ड’ (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पुलिस और एसएसबी (SSB) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिला प्रशासन के तमाम विभाग शामिल हुए।
बॉर्डर इलाकों पर रहेगी कड़ी नजर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि नेपाल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर रक्सौल, आदापुर, घोड़ासहन और ढाका में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए।
47वीं बटालियन (SSB) के कमांडेंट ने बैठक में जानकारी दी कि पिछले एक महीने में पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के संयुक्त ऑपरेशन में 104 किलो गांजा और 26.1 ग्राम स्मैक जब्त की गई है। इस मामले में तीन नेपाली नागरिकों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नशीली दवाओं और शराब पर बड़ी कार्रवाई
बैठक में ढाका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि भारी मात्रा में गांजा और अफीम के अलावा ब्राउन शुगर, नशीली टैबलेट और करीब 3000 लीटर अवैध शराब भी बरामद की गई है। वहीं, 71वीं बटालियन (पिपरा कोठी) ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ड्रग्स की दुकानों पर छापेमारी की और नार्कोटिक्स के 8 मामले दर्ज किए।
खाद की कालाबाजारी करने वालों के लाइसेंस रद्द
खेती-किसानी से जुड़े उर्वरकों (खाद) के अवैध परिवहन और कालाबाजारी पर भी प्रशासन का डंडा चला है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि:
- पिछले एक माह में 8 FIR दर्ज की गई हैं।
- सीमावर्ती क्षेत्रों की 5 दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
- घोड़ासहन में अनियमितता मिलने पर उर्वरक दुकान को सील किया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बॉर्डर एरिया की दुकानों के स्टॉक का नियमित रूप से फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए।
युवाओं में बढ़ते नशे के चलन पर चिंता
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है। प्रशासन को उन जगहों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है जहाँ बच्चे या युवा नशे का सेवन करते हैं, ताकि वहां कड़ी निगरानी रखी जा सके।
सड़क पर अवैध वसूली करने वालों पर होगी जेल
एक महत्वपूर्ण निर्देश में जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के कुछ क्षेत्रों में पार्किंग शुल्क या टेंडर के नाम पर चलती गाड़ियों से पैसा वसूलना रंगदारी की श्रेणी में आता है।
”सड़क पर चलती गाड़ियों से किसी भी तरह की वसूली पूरी तरह अवैध है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ऐसी गतिविधियां तुरंत रुकें। दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।” — सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने और सूचनाएं साझा करने का निर्देश दिया है ताकि जिले को अपराध और नशामुक्त बनाया जा सके।






