बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में कानून व्यवस्था को सख्त बनाने के लिए पुलिस ने रविवार को अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर ‘महाकुर्की अभियान’ चलाया गया, जिसके तहत हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर मामलों में फरार चल रहे 100 अपराधियों के ठिकानों पर पुलिस ने धावा बोला।
कानून का सख्त संदेश: सरेंडर करो या संपत्ति गंवाओ
कार्रवाई के दौरान पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह पेशेवर रही। कुर्की शुरू करने से पहले पुलिस की टीमों ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपराधियों के घर के बाहर मुनादी (माइकिंग) कराई। इस प्रक्रिया के जरिए अपराधियों और उनके परिजनों को आत्मसमर्पण करने का अंतिम मौका दिया गया। जिन अपराधियों ने तय समय में सरेंडर नहीं किया, पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उनके घरों के सामान, चौखट और खिड़कियों तक की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई पूरी की।
एसपी स्वर्ण प्रभात की रणनीति: अपराधियों में खौफ का माहौल
मोतिहारी एसपी के नेतृत्व में यह पांचवां बड़ा ‘महाकुर्की अभियान’ है। पुलिस की इस आक्रामक रणनीति का असर जिले में साफ देखा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार:
- इस अभियान के तहत अब तक जिले के कुल 1,000 से अधिक फरार अपराधियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
- कार्रवाई के दायरे में न केवल हत्या और लूट के आरोपी, बल्कि भू-माफिया, ड्रग्स तस्कर और शराब माफिया भी शामिल हैं।
- पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण कई अपराधी खुद ही सरेंडर करने को मजबूर हो रहे हैं। पिछली कार्रवाइयों के डर से एक अपराधी तो गिरफ्तारी से बचने के लिए एम्बुलेंस में मरीज बनकर कोर्ट आत्मसमर्पण करने पहुंचा था।
जिले भर में एक साथ शुरू हुआ ऑपरेशन
इस ऑपरेशन की खास बात यह रही कि इसे पूरे जिले में एक साथ अंजाम दिया गया। एसपी के आदेश पर जिला के सभी डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष अपनी-अपनी टीमों के साथ एक्शन मोड में दिखे। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कानून की नजरों से बचकर भाग रहे अपराधियों के लिए जिले में अब कोई जगह नहीं है।
इस बड़ी कार्रवाई से आपराधिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।
संपादकीय टिप्पणी: कुर्की-जब्ती की यह प्रक्रिया न्यायालय के आदेश पर उन आरोपियों के खिलाफ की जाती है जो बार-बार समन या वारंट के बावजूद पुलिस या अदालत के सामने पेश नहीं होते। यह पुलिस का एक प्रभावी प्रशासनिक हथियार है जिससे अपराधियों पर दबाव बनाया जाता है।






