बिहार (मोतिहारी): पूर्वी चंपारण जिले में अवैध रूप से चल रहे और नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अरेराज और चकिया अनुमंडल में चलाए गए छापेमारी अभियान के दौरान कुल चार स्वास्थ्य केंद्रों को सील कर दिया गया है।
अरेराज: डॉक्टर की जगह तकनीशियन कर रहा था अल्ट्रासाउंड
गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने अरेराज स्थित श्रीराम अल्ट्रासाउंड और बाल गोपाल क्लीनिक पर अचानक छापेमारी की।
- नियमों की धज्जियां: जांच के दौरान पाया गया कि श्रीराम अल्ट्रासाउंड सेंटर में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था, बल्कि एक तकनीशियन द्वारा मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। यह नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
- मौके से फरार हुए संचालक: वहीं, टीम को देखते ही बाल गोपाल क्लीनिक के संचालक और कर्मी केंद्र छोड़कर फरार हो गए।
प्रशासनिक टीम: इस कार्रवाई में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, थाना प्रभारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मुख्य रूप से शामिल थे। इन दोनों संस्थानों को सील कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चकिया: दो निजी केंद्रों पर दर्ज हुई FIR
दूसरी ओर, चकिया अनुमंडल क्षेत्र में भी प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के नेतृत्व में गणपति हॉस्पिटल (मधुबन रोड) और भारत अल्ट्रासाउंड सेंटर (पावर हाउस चौक) की गहन जांच की गई।
- केंद्रों को किया गया सील: जांच में कमियां पाए जाने के बाद दोनों केंद्रों को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है।
- पुलिस में शिकायत दर्ज: चकिया अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर इन केंद्रों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का अनुरोध किया है।
इस छापेमारी दल में आरक्षी अवर निरीक्षक और अस्पताल प्रबंधक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
आम जनता के लिए जरूरी संदेश
प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लोगों की जान से हो रहे खिलवाड़ को रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस या बिना योग्य डॉक्टर के चल रहे किसी भी क्लीनिक को बख्शा नहीं जाएगा।
नोट: मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा प्रमाणित और पंजीकृत केंद्रों पर ही अपनी जांच करवाएं ताकि सही उपचार मिल सके।






