मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुँचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल के निर्देश पर ‘जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र’ (DRCC) का औचक निरीक्षण किया गया।
जिला योजना पदाधिकारी ने जांची योजनाओं की जमीनी हकीकत
बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को जिला योजना पदाधिकारी श्री राहुल रंजन अचानक डीआरसीसी कार्यालय पहुँचे। उन्होंने वहां चल रहे कामकाज का बारीकी से जायजा लिया और सात निश्चय योजना के तहत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन सही समय पर और बिना किसी बाधा के हो रहा है या नहीं।
इन मुख्य योजनाओं की हुई समीक्षा:
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को मिलने वाली वित्तीय सहायता।
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना: बेरोजगार युवाओं को दी जाने वाली आर्थिक मदद।
- कुशल युवा कार्यक्रम (KYP): युवाओं के कौशल विकास और कंप्यूटर प्रशिक्षण से जुड़ी प्रगति।
100% लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश
समीक्षा के दौरान श्री राहुल रंजन ने पाया कि कुछ क्षेत्रों में काम को और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने वहां मौजूद सभी सहायक प्रबंधकों (Assistant Managers) को सख्त निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदनों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी ताकि युवाओं को समय पर लाभ मिल सके।
दो कर्मी मिले गायब, मांगा गया जवाब
कार्यालय में अनुशासन और समयबद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से सभी कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी (Attendance Register) की भी जाँच की गई। इस दौरान दो कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद पाए गए।
जिला योजना पदाधिकारी ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दोनों अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण (Show-cause notice) मांगा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
विशेष संदेश: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यों में कोताही और अनुशासनहीनता बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






