बिहार के मोतिहारी जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ज़िले की साइबर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक पीड़ित के ठगे गए 10 लाख रुपये सुरक्षित वापस करा दिए हैं। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अनुभवी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने किया, जिनकी तकनीकी विशेषज्ञता के कारण अपराधी अपने मंसूबों में नाकाम रहे।
त्वरित कार्रवाई से मिली बड़ी कामयाबी
साइबर अपराध के मामलों में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। जैसे ही साइबर थाना कांड संख्या-101/25 के तहत ठगी की शिकायत दर्ज हुई, इंस्पेक्टर मनीष कुमार और उनकी टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने बैंकिंग चैनल्स और तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) की मदद से ठगी गई राशि को फ्रीज करवाया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित को उसके पैसे वापस दिलाए।
इंस्पेक्टर मनीष कुमार: मोतिहारी पुलिस के ‘संकटमोचक’
इंस्पेक्टर मनीष कुमार को जिले में एक तेजतर्रार और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। साइबर थाने में आने से पहले उन्होंने कालीबाग ओपी और चनपटिया थाना प्रभारी के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
- अनुभव का लाभ: चनपटिया और कालीबाग में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध दर में न केवल कमी आई थी, बल्कि उन्होंने कई पेचीदा मामलों को भी सुलझाया था।
- जनता का भरोसा: अपनी इसी कार्यशैली के कारण वे आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं और अपराधियों के मन में उनका खौफ बना रहता है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह
इस सफलता के बाद मोतिहारी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतें। साइबर सुरक्षा के कुछ प्रमुख टिप्स नीचे दिए गए हैं:
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- ओटीपी (OTP) साझा न करें: बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी या पिन न बताएं।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: लॉटरी या रिवॉर्ड के लालच में आने वाले अनजान लिंक्स से बचें।
- तत्काल रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 डायल करें या [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष: मोतिहारी पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि तकनीकी रूप से सक्षम पुलिस बल अब अपराधियों से दो कदम आगे है। इंस्पेक्टर मनीष कुमार जैसे अधिकारियों की सक्रियता से जिले में साइबर न्याय प्रणाली के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






