बिहार के मोतिहारी में शिक्षा और ज्ञान के केंद्र को नया विस्तार मिलने जा रहा है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने गांधी संग्रहालय स्थित पुस्तकालय (लाइब्रेरी) का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस पहल से स्थानीय छात्रों और शोधकर्ताओं को अब पढ़ाई के लिए शहर से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।
लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं 1700 से अधिक पुस्तकें
निरीक्षण के दौरान गांधी संग्रहालय की प्रभारी पदाधिकारी सुश्री निधि कुमारी ने बताया कि इस पुस्तकालय के प्रथम तल पर 1700 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह लाइब्रेरी न केवल विशाल है, बल्कि यहां एक साथ 60 से 70 लोग बैठकर शांतिपूर्वक अध्ययन कर सकते हैं।
मुख्य जानकारी:
- कार्य दिवस: पाठकों की सुविधा के लिए यह पुस्तकालय शनिवार और रविवार को भी खुला रहेगा।
- बैठने की क्षमता: एक समय में 70 छात्रों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था।
महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मिलेगा सहयोग
इस पुस्तकालय को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी (MGCU) बड़ी भूमिका निभा रहा है। यूनिवर्सिटी के सीएसआर (CSR) प्रभारी प्रो. डॉ. सपना सुगंधा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन लाइब्रेरी के बेहतर संचालन में हर संभव मदद करेगा।
यूनिवर्सिटी की ओर से दी जाने वाली सुविधाएँ:
- पेयजल और कूलर: छात्रों के लिए शुद्ध पेयजल (RO) और ठंडी हवा के लिए कूलर की व्यवस्था की जा रही है।
- पुस्तकों का दान: विश्वविद्यालय अपनी ओर से भी नई और उपयोगी किताबें लाइब्रेरी को उपलब्ध कराएगा।
- छात्रों के लिए सुलभ: यूनिवर्सिटी की मुख्य लाइब्रेरी बनकट में होने के कारण शहर के छात्रों को दिक्कत होती थी, जो अब इस लाइब्रेरी के शुरू होने से दूर हो जाएगी।
आईडी कार्ड के जरिए मिलेगा प्रवेश
सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र अपने पहचान पत्र (ID Card) के साथ यहाँ आकर पढ़ाई कर सकेंगे।
इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो अन्य स्थानीय लोग या छात्र यहाँ पढ़ने के लिए आना चाहते हैं, उनके लिए भी विशेष आई कार्ड (Identity Card) की सुविधा शुरू की जाए। इससे लाइब्रेरी के संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
निष्कर्ष: शहर के बीचों-बीच ज्ञान का नया ठिकाना
गांधी संग्रहालय में इस लाइब्रेरी के व्यवस्थित होने से मोतिहारी शहर के युवाओं को एक सकारात्मक माहौल मिलेगा। प्रशासनिक तत्परता और केंद्रीय विश्वविद्यालय के सहयोग से यह स्थान जल्द ही जिले के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






