मोतिहारी। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मोतिहारी स्थित स्काउट भवन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बाबा साहेब के योगदान को याद करने के साथ-साथ चम्पारण की ऐतिहासिक धरती और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास पर भी चर्चा की गई।
चम्पारण और अप्रैल माह का ऐतिहासिक नाता
स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अप्रैल का महीना विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि इसी महीने में महात्मा गांधी चम्पारण के किसानों की पीड़ा सुनने और उनके हक की लड़ाई (सत्याग्रह) के लिए यहाँ आए थे।
यहाँ हुई ‘कस्तूरबा गांधी और सिरौना की चूल्हिया’ के बीच की ऐतिहासिक बातचीत का भी उल्लेख किया गया, जिसने गांधी जी को देश के पहले बुनियादी विद्यालय की नींव रखने के लिए प्रेरित किया था।
नई पीढ़ी को मिलेगी सेनानियों की जानकारी
जिला मुख्य आयुक्त श्री रत्नेश्वरी शर्मा ने जानकारी दी कि “चम्पारण में महात्मा गांधी” नामक ऐतिहासिक पुस्तक में दर्ज स्वतंत्रता सेनानियों के नामों और उनके संघर्षों से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाएगा। इसके लिए विशेष पहल शुरू की जा रही है।
आगामी 24 अप्रैल को विशेष स्काउट शिविर
प्रशासन और स्काउट-गाइड संगठन द्वारा इस अभियान की पहली कड़ी 24 अप्रैल को शुरू होगी।
- स्थान: कस्तूरबा गांधी सेवाश्रम, सिरौना (+2 माध्यमिक विद्यालय परिसर)।
- मुख्य उद्देश्य: स्काउट शिविर के माध्यम से छात्रों को चम्पारण सत्याग्रह, बाबा साहेब के आदर्शों और सरकार द्वारा जारी जन-कल्याणकारी संकल्पों के प्रति जागरूक करना।
धूमधाम से मनाया गया जन्मोत्सव
कार्यक्रम में विद्यानंद राम ने केक काटकर बाबा साहेब की जयंती मनाई और उनके जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक हैं।
इस सभा को विजय कुमार राम, राजकिशोर पासवान, शुभम कुमार और सक्षम शेखर सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्काउट्स और गाइड्स मौजूद रहे, जिन्होंने बाबा साहेब के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






