बिहार के मोतिहारी में देश की रक्षा शक्ति का भव्य प्रदर्शन होने जा रहा है। आगामी 15 से 18 अप्रैल तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा रक्षा उपकरणों की एक विशेष मॉडल प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इस बड़े आयोजन की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और डीआरडीओ के अधिकारियों ने कमर कस ली है।
तैयारियों को लेकर जिला अतिथि गृह में हुई अहम बैठक
प्रदर्शनी को सफल बनाने के लिए मोतिहारी जिला अतिथि गृह में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री और रक्षा संबंधी स्थायी समिति के सभापति सांसद राधामोहन सिंह ने की। बैठक में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हुए।
बैठक के बाद अधिकारियों की टीम ने उस स्थल का निरीक्षण भी किया जहाँ यह प्रदर्शनी आयोजित होनी है।
युवाओं और छात्रों के लिए खास आकर्षण
डीआरडीओ के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम जनता और विशेषकर छात्र-छात्राओं को देश की रक्षा तकनीक से परिचित कराना है।
- अत्याधुनिक तकनीक: प्रदर्शनी में भारत के आधुनिक हथियारों, मिसाइलों और रक्षा उपकरणों के मॉडल दिखाए जाएंगे।
- वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा: इसका लक्ष्य युवाओं में विज्ञान और अनुसंधान (Research) के प्रति रुचि जगाना है।
- नवाचार की प्रेरणा: छात्र यह समझ सकेंगे कि भारतीय वैज्ञानिक देश की सुरक्षा के लिए किस तरह के नए आविष्कार कर रहे हैं।
सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन का जोर
इतने बड़े स्तर के आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी तालमेल बिठाने के निर्देश दिए हैं:
- सुरक्षा व्यवस्था: प्रदर्शनी स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती रहेगी ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
- बुनियादी सुविधाएं: बिजली, साफ-सफाई, पेयजल और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष योजना बनाई गई है।
- स्वास्थ्य सेवाएं: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात रखने को कहा गया है।
एक ऐतिहासिक आयोजन की उम्मीद
सांसद राधामोहन सिंह और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन और डीआरडीओ के संयुक्त प्रयास से यह प्रदर्शनी मोतिहारी के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में डिप्टी मेयर डॉ. लालबाबू प्रसाद सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
विशेष नोट: अगर आप विज्ञान और तकनीक में रुचि रखते हैं, तो 15 से 18 अप्रैल के बीच आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी को देखना न भूलें। यह न केवल जानकारीपूर्ण होगी, बल्कि देश के गौरवशाली सैन्य इतिहास और भविष्य की झलक भी दिखाएगी।






