बिहार 

​अयोध्या: डेढ़ करोड़ का किराया न भरने पर ‘शबरी रसोई’ सील, विकास प्राधिकरण ने की बड़ी कार्रवाई

On: April 8, 2026 8:37 PM
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​अयोध्या में राम भक्तों को भोजन सुविधा देने वाली प्रसिद्ध ‘शबरी रसोई’ पर अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने कड़ा शिकंजा कसा है। लंबे समय से किराया बकाया होने के कारण प्राधिकरण ने टेढ़ी बाजार स्थित फूड कोर्ट को सील कर दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​अयोध्या के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर ‘शबरी रसोई’ के नाम से फूड कोर्ट का संचालन गुजरात (अहमदाबाद) की कवच कंपनी द्वारा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस कंपनी पर पिछले 6 महीनों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये का किराया बकाया है। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद राशि जमा न करने पर प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।

​इन चार प्रमुख स्थानों पर चल रही है रसोई:

  • ​टेढ़ी बाजार (रेलवे स्टेशन के पास)
  • ​सूर्यकुंड
  • ​गुप्तार घाट
  • ​कौशलेश कुंज

​अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता आलोक कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी को यह फूड कोर्ट 10 साल की लीज पर दिए गए हैं। समझौते के तहत कंपनी को हर तीन महीने में 28.50 लाख रुपये का किराया देना होता है, जिसे लंबे समय से नहीं भरा गया।

​पहले भी विवादों में रही है कंपनी

​यह पहली बार नहीं है जब शबरी रसोई चर्चा में आई है। इससे पहले भी अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं से खाने-पीने की चीजों के लिए मनमानी वसूली और अधिक पैसे लेने की शिकायतें मिली थीं। इस मामले में भी प्राधिकरण ने कंपनी को नोटिस जारी कर फटकार लगाई थी।

​कंपनी का पक्ष: “हम किराएदार नहीं, पार्टनर हैं”

​दूसरी ओर, कवच कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा है। कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि:

​”हम विकास प्राधिकरण के साथ पार्टनर के तौर पर काम कर रहे हैं, न कि साधारण किराएदार की तरह। हमारे चार में से दो फूड कोर्ट अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, जिसकी वजह से कुछ व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। हमने अपनी ओर से जरूरी राशि जमा कर दी है और प्राधिकरण के साथ हमारा कोई बड़ा विवाद नहीं है।”

 

​श्रद्धालुओं पर क्या होगा असर?

​फिलहाल टेढ़ी बाजार स्थित मुख्य इकाई को सील कर दिया गया है। अन्य तीन स्थानों पर भी बकाया राशि को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अयोध्या आने वाले यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान था, लेकिन नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितताओं के चलते प्राधिकरण अब इसे लेकर सख्त रुख अपना रहा है।

Sachcha Samachar Desk

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