कटिहार (बिहार): बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र से बीते 9 दिनों से लापता युवक सतीश कुमार (17) की गुत्थी अब सुलझ चुकी है। पुलिस ने इस मामले को हत्या करार दिया है और जांच के क्रम में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
9 दिन से लापता था सतीश
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र के अयोध्यागंज बाजार स्थित जमाई टोला निवासी बसंती देवी और संजय जयसवाल का पुत्र सतीश 28 अगस्त की सुबह अपने घर से निकला था। वह नयाहट स्थित बबलू शाह की दुकान पर काम करने के लिए रोजाना की तरह निकला था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे घर से बाहर जाने के बाद वह कभी वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने पहले दिन से ही उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। लगातार प्रयासों के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिवार ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
परिजनों के आरोप और संदेह
सतीश की मां बसंती देवी ने भावुक होकर बताया कि उनका बेटा सीधा-सादा और मेहनती स्वभाव का था। वह हर दिन दुकान पर काम करने जाता और समय पर घर लौट आता था। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनके बेटे से किसी तरह की गलती हुई होती, तो उसे सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए था। लेकिन किसी ने उसकी जान ले ली, जो बेहद निंदनीय है।
घटना के दिन मंटू शाह की मौजूदगी को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना के समय वह कटरिया में थे, जबकि मंटू शाह ने बयान दिया कि वह अपनी बहन के घर मौजूद थे। इन विरोधाभासी बयानों ने मामले को और जटिल बना दिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
परिजनों की शिकायत और संदेहों के आधार पर कुरसेला थाना पुलिस ने जांच तेज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की।
सदर टू एसडीपीओ रंजन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उनकी निशानदेही पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम युवक के शव की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
इलाके में फैली सनसनी और आक्रोश
इस घटना ने पूरे अयोध्यागंज बाजार और आसपास के गांवों में सनसनी फैला दी है। लोग इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक मान रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि एक मासूम युवक की इस तरह से हत्या होना समाज के लिए कलंक है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। परिजन भी लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, उनका दर्द कम नहीं होगा।
कानून और व्यवस्था पर सवाल
घटना ने एक बार फिर से क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती, तो शायद सतीश की जान बच सकती थी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही कार्रवाई की गई और अब पूरे सच को सामने लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
न्याय की उम्मीद में परिवार
17 वर्षीय सतीश की असमय मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मां बसंती देवी और पिता संजय जयसवाल का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि उनका बेटा घर का सहारा था और उसका भविष्य उज्ज्वल था। अब उसकी हत्या ने पूरे परिवार की जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया है।
परिजन और ग्रामीण प्रशासन से यही मांग कर रहे हैं कि दोषियों को ऐसी सजा मिले, जिससे समाज को सख्त संदेश जाए कि अपराध करके बचा नहीं जा सकता।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और जल्द ही इस हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
कुरसेला थाना क्षेत्र की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दर्दनाक है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। किशोरों और युवाओं की सुरक्षा, उनकी देखभाल और सही माहौल में उनका भविष्य सुरक्षित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
कटिहार की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर किस तरह की मानसिकता और परिस्थितियां लोगों को अपराध की ओर धकेल रही हैं। यह भी जरूरी है कि पुलिस और प्रशासन इस तरह के मामलों में और अधिक सतर्कता बरतें, ताकि निर्दोष परिवारों को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।








