बिहार की राजनीति में इन दिनों अगर किसी युवा नेता की सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, तो वो हैं आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव। अपनी बिहार अधिकार यात्रा के तहत जब तेजस्वी यादव शुक्रवार को खगड़िया पहुँचे, तो वहाँ का नज़ारा देखने लायक था।
बारिश में भी नहीं थमी ‘जनसैलाब’
तेजस्वी यादव के आने से ठीक पहले आसमान से झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। रैली स्थल पर बना पंडाल पूरी तरह भीग चुका था, और पानी टपक रहा था। लेकिन, इस ख़राब मौसम ने भी लोगों के जोश को कम नहीं किया।
उधर, तेजस्वी यादव का काफ़िला खगड़िया पहुँचा, तो हल्की बूँदाबाँदी जारी थी। सड़क किनारे और पुलों पर लाखों लोग नेता का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। भीड़ इतनी विशाल थी कि कई जगहों पर लोग सिर्फ़ झलक पाने के लिए धक्का-मुक्की करते दिखे। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल कई लोग सिर्फ़ तेजस्वी को सुनने के लिए दूर-दराज के गाँवों से आए थे।
बस की छत बनी मंच: ‘बारिश हमें रोक नहीं सकती’
इसी बीच एक दिलचस्प वाकया हुआ। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने अचानक एक बस की छत पर चढ़कर जनता का अभिवादन करना शुरू कर दिया। माइक हाथ में लेते ही उन्होंने लोगों के बीच जोश भरते हुए कहा,
“भाइयों-बहनों, बारिश हमें रोक नहीं सकती। आपके आशीर्वाद से ही हम यहाँ खड़े हैं।”
यह सुनते ही भीड़ खुशी से झूम उठी। लोग ज़ोर-ज़ोर से तालियाँ बजाने लगे और “तेजस्वी जिंदाबाद” के नारे गूंजने लगे। यह एक ऐसा पल था जिसने साबित कर दिया कि मौसम की मार भी इस युवा नेता और जनता के बीच के जज़्बे को तोड़ नहीं सकती।
फूलों की गाड़ी और जबरदस्त स्वागत
दरअसल, तेजस्वी यादव का काफ़िला खगड़िया में जैसे ही दाख़िल हुआ, वहाँ की जनता ने उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया। उनकी गाड़ियाँ फूलों से इस कदर ढक चुकी थीं कि देखने वालों ने कहा, “लगता था जैसे फूलों की गाड़ी हो।” उसी बस की छत पर खड़े होकर तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखी,
“जब नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सामने हम रुकने वाले नहीं हैं, तो बारिश हमें कैसे रोक सकती है?”
उनका यह बयान सुनकर मौजूद भीड़ का जोश और भी बढ़ गया। लोगों ने कहा कि यही जज़्बा उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।
बिहार की राजनीति में नई तस्वीर: बदलाव की माँग
खगड़िया की इस रैली में अनुमान के मुताबिक लाखों लोग पहुँचे थे। तेजस्वी यादव ने अपने भाषण के दौरान बार-बार यह बात दोहराई कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा, “लाखों की भीड़ हमारे पीछे यूँ ही थोड़े घूम रही है। जनता अब परिवर्तन चाहती है।”
उन्होंने निशाना साधते हुए यह भी कहा कि बीते 20 सालों से बिहार की राजनीति एक ही ढर्रे पर चल रही है। अब वक़्त है कि बागडोर एक युवा के हाथ में आए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव ने खगड़िया की इस रैली से बिहार की राजनीति का माहौल पूरी तरह बदल दिया है।










