दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार रात को जैसे ही एशिया कप 2025 के सुपर फोर स्टेज का पर्दा उठा, क्रिकेट प्रेमियों को एक यादगार मुकाबला देखने को मिला। श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच यह भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि ऐसा लगा जैसे हम कोई आम लीग मैच नहीं, बल्कि सीधे एशिया कप का फ़ाइनल देख रहे हों। गेंद दर गेंद माहौल बदल रहा था, और मैदान पर बैठे हर दर्शक की धड़कनें मानो हर ओवर के साथ तेज होती जा रही थीं।
टॉस से टर्निंग पॉइंट तक की कहानी
बांग्लादेश के कप्तान ने चतुराई दिखाते हुए टॉस जीता और पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। उनका मानना था कि शाम के समय ओस और पिच का मिजाज बल्लेबाज़ों के लिए थोड़ा आसान हो जाएगा।
श्रीलंका की शुरुआत पथुम निशंका (22 रन, 15 गेंद) और कुशाल मेंडिस (34 रन, 25 गेंद) की जोड़ी ने की। दोनों ने कुछ बेहतरीन शॉट्स लगाए और स्कोर बोर्ड को गति दी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसके बाद अचानक विकेटों का पतन शुरू हो गया। कमिल मिशारा और कुशाल परेरा सस्ते में पवेलियन लौट गए। स्टैंड्स में बैठे श्रीलंकाई फैंस थोड़े चिंतित ज़रूर दिखे।
शानाका का तूफ़ान: पारी का असली चेहरा
मैच के इस नाज़ुक मोड़ पर, कप्तान दसुन शानाका ने मोर्चा संभाला। और क्या खूब संभाला! उनकी 37 गेंदों में जड़ी गई 64 रनों की तूफानी पारी ने मैच का रुख़ पूरी तरह से बदल दिया। चौकों और छक्कों की बरसात ने बांग्लादेशी गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। असलंका ने भी 12 गेंदों में 21 रन जोड़कर उनका अच्छा साथ दिया, हालांकि निचला क्रम ज़्यादा देर टिक नहीं सका।
श्रीलंका का कुल स्कोर: 168/7 (20 ओवर)
बांग्लादेशी गेंदबाज़ी में मुस्तफ़िज़ुर रहमान की तारीफ़ करनी होगी, जिन्होंने सिर्फ़ 20 रन देकर 3 विकेट चटकाए। उनके यॉर्कर और धीमी गेंदे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार परेशान कर रही थीं।
बांग्लादेश की चुनौती और सैफ हसन का संघर्ष
169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत बेहद ख़राब रही। ओपनर तनज़ीज़ हसन पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट होकर वापस लौट गए।
लेकिन, बांग्लादेश ने हार नहीं मानी। लिटन दास और युवा सैफ हसन ने क्रीज पर कदम रखा और तुरंत जवाबी हमला शुरू कर दिया। देखते ही देखते, 6 ओवरों में बांग्लादेश का स्कोर 59/1 तक पहुंच गया।
सैफ हसन की शानदार अर्धशतकीय पारी
सातवें ओवर में लिटन दास आउट हुए, मगर सैफ हसन एक छोर पर डटे रहे। उन्होंने समझदारी से स्ट्राइक रोटेट की और ज़रूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स भी लगाए। हिदायतुल्लाह ने उनका बखूबी साथ दिया।
आधे रास्ते यानी 10 ओवर तक स्कोर 82/2 था। अब समीकरण था: 48 गेंदों पर 72 रन। मुकाबला पूरी तरह से खुला हुआ था, और दुबई का स्टेडियम उत्साह और तनाव के मिश्रण से भरा हुआ था।
निर्णायक मोड़ और शानाका की कप्तानी
13वें से 15वें ओवर के बीच, सैफ हसन ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए रन रेट को तेज़ी से बढ़ाया। वह लगातार चौके-छक्के जड़ रहे थे। श्रीलंका के कप्तान शानाका ने तब अपनी फील्डिंग और गेंदबाज़ी में बदलाव की मास्टरक्लास दिखाई। उन्होंने वनिंदु हसरंगा और दुनिथ वेल्लालागे को लगाया, जिन्होंने रन गति पर लगाम कसी।
मैदान पर मौजूद एक दर्शक की यह टिप्पणी माहौल को बयाँ कर रही थी: “यह ‘श्रीलंका बनाम बांग्लादेश’ मैच किसी भी मायने में ‘फाइनल’ से कम नहीं है। हर गेंद एक नया रोमांच पैदा कर रही है।”
आखिरी ओवरों का ड्रामा और नतीजा
अंतिम आठ ओवरों में, जहाँ बांग्लादेश को 72 रन की दरकार थी, शानाका की रणनीति थी—एक या दो विकेट गिराओ और दबाव बनाओ।
बांग्लादेशी ड्रेसिंग रूम से शायद यही संदेश था कि अगर सैफ टिके रहे तो जीत हमारी है। लेकिन, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। सैफ हसन ने एक शानदार पारी तो खेली, पर अंत के ओवरों में हसरंगा ने अहम विकेट निकालकर श्रीलंका को मैच में वापस ला दिया।
नतीजा: श्रीलंका ने 6 रनों से बेहद रोमांचक जीत दर्ज की।
| टीम | स्कोर |
|---|---|
| श्रीलंका | 168/7 (20 ओवर) |
| बांग्लादेश | 162/6 (20 ओवर) |
कप्तान दसुन शानाका को उनकी शानदार बल्लेबाज़ी (64 रन) और बेहतरीन कप्तानी के लिए “प्लेयर ऑफ़ द मैच” चुना गया।
क्या था हार-जीत का अंतर?
- सैफ हसन का आउट होना: निर्णायक मोड़ पर उनका विकेट गिरना बांग्लादेश के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
- स्ट्राइक रोटेशन की कमी: अंतिम ओवरों में सिंगल-डबल लेकर स्ट्राइक रोटेट करने की कला में बांग्लादेश थोड़ा पिछड़ गया।
- श्रीलंका की बेहतरीन फ़ील्डिंग और सटीक रणनीति: दबाव के पलों में शानाका की कप्तानी और टीम की फील्डिंग ने बाज़ी पलट दी।
यह मैच एक बार फिर साबित करता है कि एशिया कप 2025 का सफ़र कितना रोमांचक होने वाला है। मैदान पर मौजूद लोग यही कह रहे थे, “ऐसा ड्रामा, ऐसी टक्कर रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलती!










