पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) की ऐतिहासिक धरती पर गांधीवादी मूल्यों और विरासत को नया विस्तार मिलने जा रहा है। इसी सिलसिले में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय गोयल ने मोतिहारी का दौरा किया। सर्किट हाउस पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया और उन्होंने जिले के प्रमुख गांधीवादी स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया।
भव्य स्वागत और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
सर्किट हाउस में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान विजय गोयल जी का अंग वस्त्र और मोमेंटो भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद राधा मोहन सिंह, बिहार मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी और मोतिहारी के डिप्टी मेयर डॉ. लालबाबू प्रसाद जैसे कई वरिष्ठ नेता और समाजसेवी उपस्थित रहे।
ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण: विकास की नई राह
विजय गोयल के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन करना और उनके सुंदरीकरण व भविष्य के विकास की संभावनाओं को तलाशना है। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने निम्नलिखित स्थलों का दौरा किया:
- गांधी संग्रहालय: यहाँ उन्होंने बापू के जीवन से जुड़ी स्मृतियों को देखा।
- चरखा पार्क: स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों को बयां करते इस पार्क की उन्होंने काफी सराहना की।
- सत्याग्रह पार्क: सत्याग्रह की विरासत को सहेजने के प्रयासों का जायजा लिया।
बापू की यादों की सराहना
चरखा पार्क में आजादी के नायकों की तस्वीरों की श्रृंखला और गांधी जी से जुड़ी प्रदर्शनी देखकर विजय गोयल अभिभूत नजर आए। उन्होंने इन धरोहरों के रखरखाव की प्रशंसा की। इस दौरान सांसद राधा मोहन सिंह ने उन्हें चंपारण सत्याग्रह और मोतिहारी के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अतिरिक्त संदर्भ: मोतिहारी वह भूमि है जहाँ से महात्मा गांधी ने 1917 में ‘नील सत्याग्रह’ की शुरुआत की थी। गांधी दर्शन समिति का यह दौरा इन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) भी मौजूद रहे। साथ ही गांधी संग्रहालय के उपाध्यक्ष ने भी संस्था की गतिविधियों से अवगत कराया।
अमरजीत सिंह की रिपोर्ट (मोतिहारी)






